
लंबगांव (टिहरी)। क्षेत्र पंचायत की बैठक में प्रतापनगर ब्लाक को आपदाग्रस्त क्षेत्र घोषित करने की मांग का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। क्षेत्र के सभी ग्राम प्रधानों और क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने आपदा प्रभाविताें की मदद के लिए 500-500 रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा करने का निर्णय लिया है। साथ ही आपदा के चलते सरकार से कृषकों के कर्ज माफ करने और स्वयं सहायता समूहों की कर्ज वसूली पर रोक लगाने की मांग की।
ब्लॉक प्रमुख पूरण चंद्र रमोला की अध्यक्षता में आयोजित प्रतापनगर क्षेत्र पंचायत की बैठक में सबसे पहले केदारनाथ आपदा में मारे गए लोगों को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। सदस्यों ने कहा कि आपदा से उपली रमोली, रौणद रमोली, ओण, भदूरा पट्टी के 50 गांव के लोगों की जमीन और 150 घराट जलकुर नदी के उफान में बह गए। लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए लंबगांव के पटवारी का स्थानांतरण करने की मांग की गई। राजपाल राणा ने पट्टी उपली रमोली गांव में अंग्रेजी शराब के प्रचलन पर रोक लगाने तथा राकेश राणा ने गरवाण और घडियालगांव में आपदा से पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता दिलवाने की मांग की। विजय पोखरियाल ने कहा कि संस्कृत विद्यालय मुखेम में तैनात तीन शिक्षिकाओं को नौलीसौड मुखेम में संबद्ध किया जाए क्योंकि यहां छात्र संख्या जीरो है।
रतन सिंह पंवार ने बंद पड़े चाठी-डोबरा मार्ग और गोविंद बिष्ट ने डोडग-थापला मार्ग निर्माण का मामला उठाया। जबकि लक्ष्मी प्रसाद उनियाल ने शुक्री-पणसूत मोटर मार्ग का प्रतिकर न मिलने पर कड़ा आक्रोश जताया। बैठक में डीडीओ आरएस रावत, खंड विकास अधिकारी मान सिंह राणा, एसडीएम देवानंद शर्मा, सोहन लाल डंगवाल, बीईओ धर्म सिंह रावत आदि उपस्थित थे।
