
बागेश्वर। सिंचाई नहर, पैदल मार्ग, पुल और पेयजल की समस्या से जूझ रहे पोलिंग के ग्रामीणों के सब्र का बांध टूट गया। गुस्साई महिलाओं ने जिला मुख्यालय पर नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। यहां हुई सभा में शीघ्र समस्याओं का समाधान नहीं होने पर आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी गई।
बसंती कपकोटी के नेतृत्व में द हंगर प्रोजेक्ट ग्रामीण उत्थान समिति कपकोट के बैनर तले पोलिंग की महिलाएं नारेबाजी करती हुईं कलेक्ट्रेट पहुंचीं। यहां हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि पोलिंग गांव में शत-प्रतिशत अनुसूचित जाति के लोग निवास करते हैं। 2009-10 में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना में असों-लीली मोटर मार्ग के निर्माण से गांव की एक किमी लंबी सिंचाई नहर ध्वस्त हो गई है। जिस कारण उनके खेतों की सिंचाई ठप है। इसके अलावा गांव की पेयजल योजना और संपर्क मार्ग भी ध्वस्त हो गए थे। जिनकी आज तक सुध नहीं ली गई। उन्होंने कहा कि समस्याओं से तहसील प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारियों को कई बार अवगत करा दिया है लेकिन आज तक समस्या जस की तस बनी हुई है। चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन शुरू किया जाएगा। धरना और सभा में मीरा पांडे, कौस्तुव जोशी, ममता, रूपा, चंपा, देबुली, दानुली, बहुली, ग्राम प्रधान आदि शामिल थे।
