पॉलीटेक्निक कालेज की मान्यता पर सवाल

टिहरा (मंडी)। जिला हमीरपुर के समीरपुर में पॉलीटेक्निक संस्थान में अध्ययनरत छात्रों तथा अभिभावकों में हड़कंप की स्थिति है। अभिभावकों ने संस्थान की तकनीकी शिक्षा विभाग से संबद्धता न होने का आरोप लगाया है। हालांकि, संस्थान प्रबंधन का कहना है कि विश्वविद्यालय स्तर पर किसी भी डिग्री एवं डिप्लोमा को संस्थान चला अथवा बंद कर सकता है, लेकिन तकनीकी शिक्षा विभाग से प्राप्त सूचना के मुताबिक संस्थान की तकनीकी शिक्षा विभाग से कोई संबद्धता नहीं है। इससे अब संस्थान के करीब 200 छात्र तथा अभिभावक पशोपेश में हैं। अभिभावकों ने मुख्यमंत्री तथा उप पुलिस महानिदेशक विजिलेंस से न्याय की गुहार लगाई है।
मामला समीरपुर स्थित जेपी पॉलीटेक्निक कालेज की संबद्धता को लेकर है। अभिभावकों में रमेश चंद, प्रीतम चंद तथा कुलदीप सिंह के अनुसार तकनीकी शिक्षा निदेशालय से जानकारी मिली है कि जेपी पॉलीटेक्निक कालेज सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त नहीं है। कालेज से तकनीकी शिक्षा विभाग का कोई लेना-देना नहीं है। लेकिन, जेपी पॉलीटेक्निक कालेज प्रबंधन का कहना है कि कालेज जेपी विश्वविद्यालय से संबद्धता प्राप्त है।
उल्लेखनीय है कि कोई भी विश्वविद्यालय पॉलीटेक्निक कालेज को संबद्धता नहीं दे सकता है। यह अधिकार मात्र अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद एवं तकनीकी शिक्षा विभाग को ही है। वहीं, अभिभावकों के अनुसार अस्सी छात्र इस कालेज से पहले ही शिक्षण कार्य पूरा कर चुके हैं, लेकिन उनके प्रमाण पत्र सरकारी नौकरी के लिए मान्यता प्राप्त नहीं हैं। अभिभावकों ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से इस कालेज में अध्ययनरत छात्रों का भविष्य खराब होने से बचाने के लिए हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है। इधर, तकनीकी शिक्षा विभाग सुंदरनगर से प्रशिक्षण शाखा प्रभारी राजेंद्र शर्मा ने बताया कि यह कालेज विभाग से संबद्धता प्राप्त नहीं है। उधर, जेपी शिक्षण संस्थान वाकनाघाट से रजिस्ट्रार बलवीर सिंह का कहना है कि हिप्र तकनीकी शिक्षा एक्ट-2002 पैरा नंबर-5 के तहत संस्थान विश्वविद्यालय स्तर पर किसी भी डिग्री एवं डिप्लेमा को चला अथवा बंद कर सकता है।

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