पेयजल व्यवस्था न सुधरी तो होगी कार्रवाई

सोलन। पेयजल व्यवस्था को सुधारने की व्यवस्था उपायुक्त सोलन देखेंगे। मंत्री व विधायक कर्नल धनी राम शांडिल ने यह निर्देश दिए हैं। उन्होंने उपायुक्त को आईपीएच, विद्युत और नगर परिषद में समन्वय स्थापित करने के लिए भी कहा है। वहीं कोताही पर संबंधित कर्मचारी या अधिकारी पर नियमानुसार कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए हैं।
पानी की अनियमित सप्लाई को लेकर उपायुक्त सोलन ने शुक्रवार संबंधित अधिकारियों की बैठक बुलाकर शहर और आस पास के क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था बेहतर बनाने पर चर्चा की है। एक सप्ताह की मॉनिटरिंग रिपोर्ट बनाने के साथ व्यवस्था बदलने का भी निर्णय लिया है। उपायुक्त सोलन मदन चौहान ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि किसी तरह की कोताही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

डीसी सोलन को दिए निर्देश : शांडिल
मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल ने कहा कि डीसी सोलन को पेयजल व्यवस्था की निगरानी के निर्देश दिए हैं। विभागों में आपसी तालमेल बैठाने के लिए भी कहा गया है। सोलनवासियों की समस्या उनके लिए सर्वोपरी है। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की इसमे कोताही पाई गई तो नियमों के अनुसार इसमें कार्रवाई भी की जाएगी। शहर में पानी की व्यवस्था को सुधारा जाएगा।
…..तो अक्तूबर तक पड़ेगा जूझना
लो वोल्टेज की समस्या के चलते पानी की किल्लत का दावा किया जा रहा है। माना जा रहा है कि सोलन शहर के लोगों को अक्तूबर तक लो वोल्टेज की समस्या से जूझना होगा। गिरि में सब स्टेशन स्थापित होने में अक्तूबर 2014 तक का समय लग सकता है। इस संबंध में उपायुक्त सोलन के अनुसार इस संबंध में बिजली बोर्ड के सदस्य सचिव से बात हुई है। इसका विकल्प ढूंढा जाएगा।
यह होगी नई व्यवस्था
01- पेयजल व्यवस्था की मॉनिटरिंग खुद उपायुक्त करेंगे। एक सप्ताह की रिपोर्ट तैयार होगी। इसके बाद संबंधित विभाग खामियों को लेकर बैठक करेंगे। सुझाव के बाद पेयजल बेहतरी की व्यवस्था होगी। तमाम अधिकारियों को भी हर सप्ताह की रिपोर्ट सौंपनी होगी।
02 लो वोल्टेज की समस्या से निपटने के लिए बिजली बोर्ड एक दिन पूरी वोल्टेज देगा। इसी दिन शहर के तमाम स्टोरेज टैंक को भर लिया जाएगा। रोजाना लिफ्ट होने वाले पानी के हिसाब से वितरण किया जाएगा। जिससे शहर में पेयजल किल्लत न गहराए।
03 नगर परिषद सोलन को शहर के तमाम वार्डों में एक समान सप्लाई देनी होगी। वहीं आईपीएच के अधीन क्षेत्राें में भी इसी नियम का पालन होगा। यदि इसमें कोई कोताही होती है तो संबंधित क्षेत्र के की-मैन या कर्मचारी के तबादला तक करने के निर्देश हैं।
04 पानी को लेकर शिकायतों के रजिस्टर को भी व्यवस्थित किया जाएगा। शिकायत कक्षा में हर समय एक कर्मचारी की तैनाती जरूर होगी। शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई न करने वाले भी नपेंगे। संबंधित अधिकारी इसकी मॉनिटरिंग खुद करेंगे।

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