
बरमाणा (बिलासपुर)। आईपीएच और बिजली बोर्ड की ‘सुस्ती’ लोगों पर भारी पड़ने लगी है। पंप हाउसों में लगी मोटरों के जवाब देने और बिजली गुल होने के कारण न केवल लोग अंधेरे में रहने को विवश हैं, बल्कि पेयजल किल्लत का भी सामना करना पड़ रहा है। जिला में चल रही लगभग एक दर्जन उठाऊ पेयजल योजनाएं में सिंगल पंपों के सहारे हैं। यदि किसी पंप की मोटर खराब हो जाए तो दो-तीन दिन तक लोगों को पानी नहीं मिलता। अधिकतर स्थानों पर मोटर की वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध नहीं है।
गर्मी का प्रकोप शुरू होते ही अब बिलासपुर में यह समस्या विकराल रूप धारण करने लगी है। मोटर खराब होने पर पानी के लिए कई दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। बिलासपुर शहर की लगभग 20 हजार की आबादी को एक सप्ताह तक समस्या से जूझना पड़ा। इसके बाद मलोखर के तहत उठाऊ पेयजल योजना सुई सुराहड़ की मोटर खराब होने से भी लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बरमाणा के तहत जाजर-जमथल पेयजल योजना पर विद्युत बोर्ड की सब स्टेशन की बिजली तारें जलने के कारण पानी लिफ्ट नहीं हो रहा। इससे इलाके के हजारों परिवार प्रभावित हो रहे हैं। कसोल क्षेत्र स्थित सब स्टेशन की तारें कई दिन पहले जल चुकी हैं। इस कारण क्षेत्र केलोगों को कई दिनों से पेयजल की सप्लाई से महरूम रहना पड़ रहा है। इससे हरनोड़ा, पंजगाई, धौनकोठी, पंजगाईं और धारटटोह सहित दर्जनों गांवों में हजारों लोगों को पानी नहीं मिल रहा।
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बरमाणा (बिलासपुर)। पंचायत प्रधान गंभरी देवी व स्थानीय लोगों बाबूराम, राजेश, रामनाथ, प्रेम, विशाल, शम्मी ने कहा कि कई बार इस समस्या के बारे में दोनों विभागों के अधिकारियों को अवगत करवाया गया है। अभी तक ग्रामीणों की समस्या पर कोई गौर नहीं किया गया है। लोगों का कहना है कि पहले आईपीएच विभाग की कारगुजारी से वह परेशान थे। अब विद्युत बोर्ड ने परेशानी दोगुना कर दी है।
अधिकतर योजनाएं पंप पर निर्भर
जिला में अधिकतर पेयजल योजनाएं मोटर पंप पर ही निर्भर है। 50 फीसदी से अधिक योजनाएं मोटर पर निर्भर है। जहां मोटर खराब होने पर वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है। इन दिनों छकोह, सुईसुराड़, जाजर-जमथल योजना की मोटरें खराब है। लगभग 35 हजार की आबादी को पानी नहीं मिल रहा।
कोड्स—
1. छकोह और सुई सुराहड़ में खराब हुई मोटरों को ठीक कर लाया गया है। जिन्हें आज ही फिट कर पानी सुचारु किया जाएगा।
-मस्त राम चौहान, जेई आईपीएच
2. पंप हाउस में लगा बिजली का पैनल जल गया है। इसकी लिखित शिकायत विद्युत बोर्ड से की गई है। लेकिन, कोई कार्रवाई नहीं हुई।
– इंद्र सिंह, एसडीओ आईपीएच जुखाला।
