
शिमला के ठियोग विधानसभा क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति के गड़बड़झाला में विजिलेंस ने निलंबित चल रहे अफसरों से सात घंटे तक पूछताछ की। इसमें सहायक अभियंता और जूनियर इंजीनियर के बयान दर्ज किए गए। मामले में लगातार शिकंजा कसने पर अफसरों के बोल बदलने लगे हैं। पूछताछ में इन्होंने कहा कि एंट्री के समय कार्यालय के बाबू ने गलती से टैंकर की जगह मोटरसाइकिल और कारों के नंबर लिख दिए। अफसर अपनी डायरी लेकर पहुंचे थे। उन्होंने अपने बयान में कहा है कि पानी की नियमित सप्लाई हुई है। एंट्री गलत हुई है। पहले विजिलेंस टीम ने एक-एक करके इंजीनियरों से बात की, उसके बाद सबको एक साथ बुलाया। यह पूछताछ विजिलेंस कार्यालय के हाल में की गई। विजिलेंस जांच टीम ने बुधवार को जल शक्ति विभाग और एसडीएम कार्यालय से जुटाए गए रिकॉर्ड का अकाउंट डाटा भी वेरिफाई किया है। ठेकेदार और इंजीनियरों के खातों की भी पड़ताल की गई।
