
पेपर लीक मामले में विजिलेंस जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। प्रश्नपत्र लीक पर आधारित इस मामले में ओएमआर (ऑप्टिकल मार्क रिकॉग्निशन) यानी उत्तर पुस्तिका का सौदा होने की बात पहली बार सामने आई है। खास बात यह है कि यह भर्ती प्रक्रिया साल 2021 में शुरू हुई थी। ऐसे में पेपर लीक और भर्तियों के सौदे का यह खेल लंबे समय से चल रहा था।
डेढ़ साल की पेपर लीक मामले की जांच में आयोग के कर्मियों, इस मामले में संलिप्त दलालों और अन्य आरोपियों के रिकॉर्ड व संपर्कों को खंगालने से ये खुलासे हुए हैं। आरोपी अमित बिजली बोर्ड हमीरपुर में साल 2022 से सेवाएं दे रहा था। अब इस मामले में कई और लोगों पर गिरफ्तारी की तलवार लटकी हुई है। गौर हो कि 23 दिसंबर 2022 को जेओए आईटी परीक्षा के पेपर लीक मामले में पहली एफआईआर दर्ज हुई थी। 26 दिसंबर को सरकार ने आयोग का कामकाज निलंबित किया।
अंतरिम जमानत याचिका पर भी सुनवाई
