
बैजनाथ (कांगड़ा)। जमा एक कक्षा के पेपर आउट मामले के पांचवें दिन बैजनाथ पुलिस पांच छात्रों को धर्मशाला ले गई। यहां पुलिस ने मामले के संबंध में कानूनी राय ली। छात्रों के साथ एसएचओ बैजनाथ भी गए थे। वहीं, डीएसपी पुनीत रघु ने जांच रिपोर्ट जिला पुलिस अधीक्षक को भेज दी है। मामले में कुल आठ छात्रों से पूछताछ कर जांच की गई थी। इनमें से पांच छात्रों की संलिप्तता को देखते हुए पुलिस इनको धर्मशाला में कानूनी राय जानने के लिए ले गई। अन्य तीन छात्रों को फिलहाल राहत प्रदान की गई है। पुलिस जांच में साफ हो गया है कि इन पांच छात्रों ने पेपर चुराने की योजना तैयार की और 11 मार्च को रात करीब दो बजे स्कूल के कार्यालय में रखी अलमारी का ताला खोलकर पेपरों को निकाल लिया। मामले में एक बात और सामने आई है कि छात्रों ने प्रश्न पत्रों की संख्या अपनी आवश्यकता के अनुरूप तय की। छात्रों ने 24 मार्च को होने वाले फिजिक्स के चार प्रश्न पत्र निकाले, जबकि 26 मार्च के आईपी के तीन पेपर निकाले थे। इसके बाद भले ही आगे जाकर इन प्रश्नपत्रों को फोटोस्टेट या फिर मैसेज के माध्यम से अपने अन्य सहपाठियों तक पहुंचाया है। पुलिस जांच में फिलहाल इन प्रश्नपत्रों को बेचने की बात सामने नहीं आई है, लेकिन आगामी दिनों में होने वाली जांच में इस बात का खुलासा होने की संभावना है। पुलिस जांच में सामने आया है कि 14 मार्च को हुए केमिस्ट्री के पेपर और 21 मार्च को हुए गणित के पेपर भी आउट हुए हैं, लेकिन स्कूल के पास इन दो विषयों के बाहर निक ले पेपरों का कोई भी रिकार्ड नहीं है। सभी आउट हुए पेपरों के लिफाफों को एक ही ब्लेड से काटकर प्रश्न पत्रों को बाहर निकाला गया था। डीएसपी पुनीत रघु ने बताया कि पांच छात्रों को पुलिस धर्मशाला लाई थी।
पुलिस छात्रों को थाने में तलब नहीं करेगी
पुलिस ने भले ही पेपर आउट मामले में जांच पूरी करके पांच छात्रों के विरुद्ध कार्रवाई की हो, लेकिन आगामी दिनों में पुलिस की नजर इस बात पर रहेगी कि क्या आउट हुए पेपरों को बेचा गया है या फिर इस मामले में कोई बालिग तो शामिल नहीं रहा है। पुलिस ने जांच में शिक्षा विभाग से विभाग के एक प्रतिनिधि की सहायता लेने का आग्रह किया है। पुलिस का मानना है कि शिक्षा विभाग का अधिकारी ही बता सकेगा कि पेपरों को ड्रॉपिंग सेंटर से लेने और स्कूल प्रशासन की कस्टडी में रखने से परीक्षा के दिन इनका वितरण करने तक किस प्रकार की प्रक्रिया अमल में लाई जाती है। स्कूल प्रशासन ने प्रक्रिया को सही तरीके से अंजाम दिया है या नहीं। फिलहाल मामले में स्कूल प्रशासन को कार्रवाई से राहत मिल गई है। अब शिक्षा बोर्ड और विभाग ही अपने स्तर पर कार्रवाई कर सकता है। आगामी जांच में पुलिस छात्रों को थाने में तलब नहीं करेगी। छात्रों के अभिभावकों की उपस्थिति में स्कूल परिसर या फिर अन्य सार्वजनिक स्थान पर ही मामले की पूछताछ की जा सकेगी। डीएसपी पुनीत रघु ने बताया कि रिपोर्ट के बारे में उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है।
आज खास….
बीएड कॉलेज धर्मशाला में शनिवार को वार्षिक समारोह का होगा आयोजन।
