
शिमला। हिमाचल हाईकोर्ट ने पूर्व मंत्री एवं भाजपा नेता किशन कपूर के खिलाफ लगाए आरोपों की जांच के आदेश दिए हैं। अदालत ने अपने आदेशों में स्पष्ट किया कि एसपी या इससे ऊपर के रैंक का अफसर ही मामले की जांच करे। अरुण बिष्ट ने दायर याचिका में आरोप लगाया गया था कि शहरी विकास मंत्री के रूप में हिमुडा अध्यक्ष पद पर रहते हुए किशन कपूर ने प्लॉट आबंटन गैर कानूनी ढंग से किया। याचिकाकर्ता कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता भी हैं।
आरोप है कि किशन कपूर ने एक प्लॉट अपने नाम और एक प्लॉट अपनी धर्मपत्नी के नाम पर अलॉट किया। इसी प्रकार अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए अपने भाई को हिमुडा के ठेके दिलाए। याचिका में कहा गया है कि धर्मशाला में किशन कपूर का होटल भी अवैध निर्माण के दायरे में आता है। शहरी विकास मंत्री रहते हुए उन्होंने यह होटल बनाया जो पास किए गए नक्शे के अनुसार नहीं है। हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश एएम खानविलकर की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने इस मामले में जांच कर अनुपालना रिपोर्ट 20 सितंबर 2013 तक हाईकोर्ट के समक्ष पेश करने के आदेश दिए हैं।
