पूर्व नेपाल नरेश स्थापित करेंगे पंचमुखी शिवमूर्ति

पिथौरागढ़। आखिर कुदरत का सम्मान ही उसे बचाएगा स्लोगन, प्रकृति और प्राणियों के कल्याण की मंशा से शारदीय नव रात्रियों में अस्कोट के हंसेश्वर मठ में होने वाले अरणी मंथन विशाल महायज्ञ की तैयारियां जोरों पर हैं। महायज्ञ के दौरान नेपाल के पूर्व नरेश ज्ञानेंद्र शाह मठ में भगवान शंकर की पंचमुखी मूर्ति स्थापित करेंगे।
श्री पंच दशनाम जूना अखाड़े के सोर मंडल के महंत हंसेश्वर मठ के परमाध्यक्ष संत परमानंद गिरी महाराज, योगीराज बसंत महाराज के सानिध्य और मातृश्री वात्सल्य ट्रस्ट हंसेश्वर के आयोजकत्व में नवरात्रि (अक्तूबर 2013) की तृतीया तिथि से प्रारंभ होने वाले महायज्ञ के बारे में बताते हुए महंत परमानंद गिरी ने बताया कि प्रकृति और प्राणियों की रक्षा के लिए गोरी, काली और अश्रुगंगा के तट पर होने वाले महायज्ञ में भारत-नेपाल के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, भू वैज्ञानिक, चारों मठों के शंकराचार्य, महामंडलेश्वर, संत, विद्वानों को आमंत्रित किया गया है।
उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में प्रकृति से हो रहे खिलवाड़, मनमानी से भगवान शंकर कुपित हैं। यही कारण हैं कि इस समय चार धाम, कैलाश, छोटा कैलाश समेत तमाम धार्मिक यात्राओं पर विराम लग गया है। देवभूमि के लोग आपदा से त्रस्त हैं। भगवान शंकर को मनाना जरूरी है।

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