

गृह विभाग कानूनी राय लेने के बाद सप्ताह के भीतर विजिलेंस को इस मामले में चालान पेश करने की अनुमति देगा। फोन टैपिंग मामले में विजिलेंस ने पूर्व डीजीपी आईडी भंडारी को मुख्य आरोपी बनाया है।

गृह विभाग कानूनी राय लेने के बाद सप्ताह के भीतर विजिलेंस को इस मामले में चालान पेश करने की अनुमति देगा। फोन टैपिंग मामले में विजिलेंस ने पूर्व डीजीपी आईडी भंडारी को मुख्य आरोपी बनाया है।
इस मामले की चार्जशीट में कुछ अफसरों और कर्मचारियों के नाम भी शामिल हो सकते हैं।
विजिलेंस ने सरकार को भेजी थी फाइल

जांच में 6 महीने से पुरानी रिकॉर्ड की गई क्लीपिंग्स मिली थीं, जोकि अवैध फोन टैप करने जैसा ही अपराध है। विजिलेंस ने भंडारी को छह महीने से पुराना रिकॉर्ड रखने पर आरोपी बनाया है। इस मामले में 26 जून 2013 को एफआईआर दर्ज की गई थी।
क्या है फोन टैपिंग मामला

उधर, पूर्व डीजीपी आईडी भंडारी का कहना है कि सरकार डेढ़ साल से इस मामले की जांच करवा रही थी लेकिन जांच में कुछ नहीं निकला। यह सरकार की खुद को सही साबित करने की नाकाम कोशिश है। मैं जल्द ही मीडिया के सामने कई खुलासे करूंगा।
