पूजा अर्चना के साथ बाणेश्वर देवता का थौलू शुरू

उत्तरकाशी। भटवाड़ी ब्लाक के लौंथरू गांव में बाणेश्वर देवता का थौलू शुरू हो गया है। पहले दिन पांच गांव के ग्रामीणों ने सात गागर दूध से शिवलिंग का अभिषेक किया और देवता की डोली के साथ रासौं नृत्य भी किया।
तीन दिनों तक चलने वाले बाणेश्वर देवता थौलू के पहले दिन लौंथरू और बयाणा, डिडसारी, कामर, जामक, स्याबा के ग्रामीण बाणेश्वर देवता के मंदिर में जुटे। पूरे विधि विधान से थौलू का शुभारंभ किया। परंपरानुसार ग्रामीणों ने अपने-अपने मवेशियों का दूध दुहाने के बाद इसे बिना किसी को छुएमंदिर के मुख्य पुजारी के पास जमा किया। मुख्य पुजारी और पांच पंचों ने इसे सात गागरों में भरकर सात इंच के शिवलिंग का दुग्ध और जलाभिषेक किया।
मंदिर के प्रांगण में मौजूद लोगों ने बाणेश्वर देवता की डोली के साथ रासों नृत्य भी किया। देव डोली ने थौलू में पहुंची ध्याणियों और ग्रामीणाें को आशीर्वाद दिया। थौलू की समाप्ति पर ग्रामीणों को खीर का प्रसाद दिया गया। इस मौके पर मुख्य पुजारी सूर्यमणी कंसवाल, शांति प्रसाद कंसवाल, लक्ष्मी नारायण नौटियाल, कबूल चंद चौहान, सूरज मोहन राणा, रमेश कंसवाल, संदीप पंवार आदि मौजूद थे।

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