पुलिस से सीआईडी में सेवाए देने के लिए अब गुजरना होगा इंटरव्यू प्रक्रिया से पीएसओ पर भी लागु होगा यह नियम

पुलिस से सीआईडी में सेवाए देने के लिए अब गुजरना होगा इंटरव्यू प्रक्रिया से पीएसओ पर भी लागु होगा यह नियम

सेवाओं को बेहतरीन बनाने के उदेश्य से पुलिस विभाग से सीआईडी (गुप्तचर विभाग) में सेवाएं देने के लिए अब पुलिस अधिकारियों और जवानों के साक्षात्कार होंगे। सीआईडी में स्पेशलाइजेशन विंग और इंटेलिजेंस अधिकारी सहित अन्य का पैनल बनाया गया है। ये सीआईडी में आने वाले पुलिस जवानों के इंटरव्यू लेंगे। साक्षात्कार में उत्तीर्ण होने के बाद ही इन्हें सीआईडी में तैनाती मिलेगी। गुप्तचर विभाग में योग्य पुलिस कर्मचारी और अधिकारी आएं, इसके चलते यह व्यवस्था की गई है। सीआईडी आपराधिक मामलों की जांच करती है।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री की सिक्योरिटी, मंत्रियों व अन्य उच्च अधिकारियों की सुरक्षा का जिम्मा पीएसओ पर रहता है। ऐसे में सीआईडी में काबिल अधिकारियों और पुलिस जवानों को सिक्योरिटी में लगाया जाता है। सीआईडी का नेतृत्व पुलिस महानिदेशक व अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) रैंक का अधिकारी करता है। सीआईडी राज्य पुलिस की एक विशेष जांच शाखा है। यह राज्य सरकार के तहत काम करती है। सीआईडी कोर्ट के आदेशों व राज्य सरकार के कहने पर किसी मामले की जांच करती है।
सीआईडी में जाने के इच्छुक रहते हैं अधिकारी व पुलिस कर्मचारी

पुलिस अधिकारी और कर्मचारी सीआईडी में सेवाएं देने के इच्छुक रहते हैं। कई बार नेताओं से सिफारिश करके भी सीआईडी में तैनाती मिलती रही है। नेता पसंद के पीएसओ चाहते हैं। लेकिन अगर कुछ गड़बड़ होती है तो बात सीआईडी पर आती है। ऐसे में सीआईडी ने काबिल अधिकारियों व कर्मचारियों को लेने का फैसला लिया है। सीआईडी में तैनात अधिकारी व कर्मचारियों की नजरें हर वर्ग पर रहती हैं। इनमें नेता, कारोबारी, भू माफिया, खनन माफिया, ठेकेदार, नशीले पदार्थों के तस्करों आदि पर सीआईडी की नजरें रहती है।

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