पुलिस माननीयों की सेवा में, आम के लिए न गाड़ी, न फोर्स

शिमला। स्मार्ट पुलिस केवल स्मार्ट काम करने पर ही यकीन करती है। सुरक्षा केवल वीआईपी तक सीमित है। आम आदमी अपने दम पर ही सुरक्षा घेरे को मजबूत करने में लगा है। युवती के साथ हुई छीनाझपटी के मामले में अगर जागरूक नागरिक हिम्मत नहीं जुटाता तो बदमाश कभी भी पुलिस के हाथ नहीं चढ़ते। वारदात के बाद पुलिस को इत्तला दे दी गई लेकिन समय रहते पुलिस मौके पर नहीं पहुंच पाई। उल्टा युवती को रात के समय थाने में जाकर अपनी आपबीती सुनानी पड़ी।
इससे पहले कार्ट रोड पर तीन महिलाओं के साथ छीनाझपटी हो चुकी है। दो मामलाें में महिलाएं बस स्टैंड स्थित गुरुद्वारा साहिब से माथा टेककर वापस घर जा रही थीं। रास्ते में लुटेरे इनके पर्स छीन कर चले गए। एक महिला गुरुद्वारा साहिब से नीचे कृष्णानगर जा रही थी। वहां भी महिला की चेन छीन ली। हालांकि पुलिस का दावा है कि जिला में पुलिस कर्मचारियों के 300 पद रिक्त हैं, इस वजह से गश्त प्रभावित हो रही है।
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किस काम का कंट्रोल रूम
सौ नंबर पर मदद की उम्मीद में मत रहिएगा। पुलिस कंट्रोल रूम मालरोड के पास न तो स्टाफ है और न ही घटनास्थल तक तत्काल पहुंचने के लिए गाड़ी। पहले एक जिप्सी थी, जो अब नीलाम हो गई है। लिहाजा सौ नंबर पर मदद के लिए कॉल आती है, तो वहां के संबंधित थाने को कॉल कर मामले की सूचना देकर इतिश्री कर ली जाती है। अब थाने में जरूरी नहीं कि तत्काल टीम घटनास्थल की ओर रवाना हो। जो स्टाफ फील्ड में है, उस पर भी निगरानी रखने की कोई ठोस व्यवस्था महकमा नहीं कर पाया। इन हालातों में कैसे स्मार्ट पुलिस आम आदमी की सुरक्षा करे।
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कहां है क्विक रियेक्शन टीम
संगीन वारदातों पर अंकुश लगाने के लिए क्विक रियेक्शन टीम गठित की गई। टीम का काम था कि शहर में जिस भी जगह से इस तरह की कोई सूचना आए, वहां दस से पंद्रह मिनट के बीच पहुंचे। उसके बाद संबंधित थाने में मामला देकर लौट आएं। इससे जहां अपराधियों को पकड़ने में कामयाबी मिलती, वहीं पीड़ित को भी तत्काल हौसला मिलता। मौजूदा समय में पीड़ित कॉल कर कर थक जाता है लेकिन रिस्पांस मिलने में घंटों लग जाते हैं।

माननीय की सुरक्षा में टीम के सदस्य
क्विक रियेक्शन टीम के तेज तर्रार और लंबे चौड़े जवानों पर माननीयों की नजर पड़ गई। तत्काल पुलिस प्रशासन को आदेश हुए कि इन्हें उनकी सुरक्षा में तैनात किया जाए। दबाव के चलते तीन जवानों को पर्सनल सिक्योरिटी गार्ड के चलते भेज दिया गया और क्विक रियेक्शन टीम टूट गई।

पुख्ता किए जा रहे सुरक्षा के इंतजाम : एसपी
पुलिस अधीक्षक अभिषेक दुल्लर ने कहा कि आम जनता की सुरक्षा के लिए गश्त का विस्तार किया जा रहा है। 300 पद खाली हैं। छीनाझपटी वाले मामले में आरोपियों को पकड़ लिया गया है।

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