
शिमला: हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में छात्रों के बीच लड़ाई का सिलसिला खत्म होता नजर नहीं आ रहा है। बुधवार को एसएफआई व एबीवीपी के बीच फिर से हुई लड़ाई में 5 छात्र घायल हो गए। छात्रों के बीच हुई झड़प का यह मामला समरहिल चौक पर सुबह साढ़े 9 बजे के करीब सामने आया।
सूचना के अनुसार जब सभी छात्र विश्वविद्यालय में प्रवेश कर रहे थे तो दोनों गुटों के छात्र पहले से ही चौक पर हमले करने की फिराक में बैठे हुए थे और कुछ ही समय में एकदम से माहौल गरमा गया और छात्रों ने एक-दूसरे पर नक्कल डस्ट व लात-घूंसों से प्रहार किया, ऐसे में कुछ छात्रों के सिर तो कइयों के शरीर में चोटें आई हैं। हालांकि उस वक्त पुलिस मौके पर तैनात थी लेकिन छात्रों के इस गुस्साए माहौल में पुलिस भी छात्रों को शांत नहीं करवा पाई। करीब आधे घंटे तक छात्रों के बीच लड़ाई चलती रही।
आधे घंटे के बाद बड़ी मुश्किल से पुलिस ने माहौल को शांत करवाया और जो छात्र शांत नहीं हो रहे थे उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दोनों संगठनों के कुल 22 छात्रों को गिरफ्तार किया है। इनमें 17 एबीवीपी व 5 एसएफआई के छात्र गिरफ्तार किए हैं। यहां तक कि एबीवीपी के प्रांत महासचिव आशीष शिक्टा भी गिरफ्तार हुए हैं। अभी तक 36 कार्यकत्र्ता गिरफ्तार हो चुके हैं। विवि परिसर पुलिस छावनी में तबदील हो गया है लेकिन इसके बावजूद भी छात्रों के बीच लड़ाई थमती हुई नजर नहीं आ रही है।
झूठे केस बनाकर संगठन को बदनाम करने की कोशिश
एबीवीपी के इकाई सचिव का कहना है कि समरहिल चौक पर हमारे छात्रों पर एसएफआई ने हमला किया है, जिससे 3 छात्रों को चोटें आई हैं। एसएफआई के कार्यकर्ताओं द्वारा एबीवीपी पर झूठे केस बनाकर बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। एसएफआई के छात्रों को तुरंत प्रभाव से गिरफ्तार किया जाए।
एबीवीपी के कार्यकर्ता गुपचुप तरीके से कर रहे हमला
एसएफआई के राज्य अध्यक्ष विवेक राणा का कहना है कि एबीवीपी के कार्यकत्र्ता गुपचुप तरीके से छात्रों पर हमला व पथराव कर रहे हैं। यहां पर पुलिस व एबीवीपी की मिलीभगत है क्योंकि विवि में 4 दिन से लड़ाई चल रही है। पुलिस कहती है कि विवि में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हंै। अगर सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता होती तो यहां पर लड़ाइयां क्यों हो रही हैं, ऐसे में कालेजों व एचपीयू में गुंडाराज बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यहां तक कि एसएफआई की छात्राओं के साथ छेडख़ानी तक की जा रही है। उसके बावजूद भी पुलिस कुछ नहीं कर रही है।

