
घुमारवीं (बिलासपुर)। घुमारवीं अस्पताल में एक महिला कर्मचारी के साथ अभद्र व्यवहार व मारपीट के मामले में पुलिस की लापरवाही भी उजागर हो गई। घटना गत रविवार रात करीब दस बजे हुई, लेकिन शिकायत करने के बावजूद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करने की जहमत नहीं उठाई। इससे नाराज अस्पताल के अन्य कर्मचारी सोमवार को बीएमओ कार्यालय में धरने पर बैठ गए। मामला तूल पकड़ते देख बीएमओ की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। तब कहीं जाकर करीब 14 घंटे बाद मामला दर्ज हुआ।
घुमारवीं अस्पताल में कार्यरत महिला कर्मचारी कौशल्या के साथ अभद्र व्यवहार व मारपीट की घटना गत रविवार रात हुई। पीड़ित महिला रात करीब दस बजे ही रिपोर्ट दर्ज कराने घुमारवीं थाना पहुंच गई थी। बताया जा रहा है कि उस दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों ने उसकी शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाए उसे यह कहकर अस्पताल वापस भेज दिया कि यह मामला ड्यूटी के दौरान का है। विभाग की ओर से शिकायत आने पर ही कार्रवाई होगी। इस पर महिला कर्मचारी अस्पताल वापस लौट आई और सोमवार सुबह तक अपनी ड्यूटी दी।
सोमवार सुबह करीब दस बजे तक भी जब पुलिस मामले की छानबीन के लिए नहीं पहुंची तो अस्पताल का पूरा स्टाफ भड़क उठा। डाक्टरों व स्टाफ नर्सों समेत सभी कर्मचारी अपना कामकाज छोड़कर बीएमओ कार्यालय में धरने पर बैठ गए। स्थिति गंभीर होते देख बीएमओ डा. टीएस चंदेल ने करीब साढ़े ग्यारह बजे घुमारवीं के डीएसपी अंजनी जसवाल को फोन पर इसकी जानकारी दी। डीएसपी के निर्देश पर पुलिस हरकत में आई। एसएचओ सीताराम संधु की अगुवाई में अस्पताल पहुंची पुलिस ने पीड़ित महिला के बयान दर्ज किए। तब कहीं जाकर कर्मचारी शांत हुए। अलबत्ता, पुलिस की इस लेटलतीफी के चलते सोमवार दोपहर करीब 12 बजे तक ओपीडी में सेवाएं ठप रहीं। इससे मरीजों को परेशान होना पड़ा।
