
शिमला। हिमाचल के गांवों की कच्ची सड़कें पक्का करने को डीपीआर तैयार कर शीघ्र केंद्र के पास मंजूरी को भेजी जाएगी। दो सौ करोड़ रुपये तक डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार की जाएगी। ग्रामीण सड़कों के लिए निजी भूमि न मिलने से लोक निर्माण विभाग ने पीएमजीएसवाई के तहत पुरानी सड़कें पक्का करने पर जोर दिया है। इससे हिमाचल कोटे का बजट भी अधिक खर्च होगा। साथ ही प्रदेश को केंद्र से ज्यादा राशि मिलने में आसानी होगी। नवंबर में विभाग की ओर से डीपीआर तैयार कर भेजी जानी प्रस्तावित है। योजना के तहत हिमाचल के 17449 में से 9788 गांवों को सड़क से जोड़ा जा चुका है। साढ़े सात हजार गांव ऐसे हैं, जहां सड़क नहीं है। हालांकि, इन क्षेत्रों में लोगों की संख्या 250 या 100 से भी कम है।
योजना के तहत प्रदेश के 250 आबादी वाले गांवों तक भी सड़क पहुंचानी थी। अब निजी भूमि न मिलने से गांवों तक सड़क पहुंचाने की डीपीआर तक नहीं बन पा रही है। इसलिए विभाग ने नई सड़कों के बजाय पुरानी सड़कों को पक्का करने के लिए डीपीआर तैयार कर मंजूरी को भेजने के प्रोजेक्टों पर काम शुरू किया है। इस बार भी नवंबर में विभाग ऐसी ही सड़कों के प्रोजेक्ट को स्वीकृति के लिए भेजेगा। इसमें कम के कम 200 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट तैयार करने का लक्ष्य रखा है। उधर, लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता प्रदीप चौहान ने बताया कि अधिकारियों को डीपीआर तैयार करने के निर्देश दे दिए हैं। नवंबर के अंत तक केंद्र को यह प्रोजेक्ट मंजूरी के लिए भेजे जाने हैं।
