
नई टिहरी। पुनर्वास निदेशक डा. रंजीत कुमार सिन्हा ने बांध प्रभावित गांव रौलाकोट का दौरा कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा कि भवनों का प्रतिकर एक सप्ताह में किया जाएगा। अन्य समस्याओं के निराकरण के लिए 15 दिन में उच्चस्तरीय बैठक में निर्णय लिया जाएगा।
टिहरी बांध की झील से प्रभावित प्रतापनगर के रौलकोट के 110 परिवारों का विस्थापन और 67 परिवारों के भवन प्रतिकर के प्रकरण लंबित है। रविवार को पुनर्वास निदेशक डा. सिन्हा ने रौलाकोट गांव पहुंच कर झील से हो रहे भूधंसाव, आवगमन में बोट की समस्याओं के संबंध में जानकारी ली। ग्राम प्रधान उम्मेद लाल और उप प्रधान अरविंद नौटियाल ने बताया कि झील के जलस्तर में हो रहे उतार-चढ़ाव से गांव को खतरा बना हुआ है। कई हेक्टर भूमि भूस्खलन के भेंट चढ़ चुकी है। इस मौके पर पुनर्वास के ईई आरके तिवारी, गणेश भट्ट, राकेश थपलियाल, एई एसी भट्ट, गजपाल, श्रीराम आदि मौजूद थे।
