पीड़ितों की मदद के लिए आगे आ रहे लोग

गढ़वाल। आपदा पीड़ितों की मदद के लिए लोग हर संभव कोशिश कर रहे हैं। छोटे-छोटे स्तर पर किए जा रहे यह प्रयास बड़े रूप में सामने आ रहे हैं। कोई ऐसा इलाका नहीं है, जो मदद के लिए हाथ न बढ़ा रहे हों। लोग एकत्रित राशि मुख्यमंत्री राहत कोष के साथ ही अन्य माध्यमों से भी भेज रहे हैं।
पुरोला में क्षेत्र के व्यापारियों ने आपदा पीड़ितों की मदद के लिए 35 हजार रुपये तथा अन्य रसद सामग्री एकत्र की। यह राहत रेवड़ी कंडिया गांव निवासी अनिल व यशवंत के परिजनों को सौंपी गई। ये दोनों गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर खच्चर चलाने का काम करते थे। आपदा में ये दोनों मलबे में दफन हो गए। उनके साथ के युवकों ने लौटकर दोनों के बाढ़ में मरने की पुष्टि की। हालांकि इनके शव बरामद नहीं हो पाए हैं। इस मौके पर व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष मदन लाल अग्रवाल, नगर अध्यक्ष चंद्रमोहन कपूर, भूपाल गुसाईं, अरविंद खंडूड़ी आदि व्यापारी मौजूद थे।

ग्रामीणों ने इकट्ठा किए सात हजार
गोपेश्वर। आपदा पीड़ितों की सहायता के लिए तल्ला दशोली क्षेत्र के कंडारा गांव के ग्रामीणों ने भी हाथ बढ़ाया है। गांव में हुई बैठक में ग्रामीणों ने पीड़ितों के लिए 7500 रुपये एकत्रित किए। यह राशि अमर उजाला रिलीफ फंड में दी गई है। गांव के सूबेदार ज्ञान सिंह कठैत और सामाजिक कार्यकर्ता बचन सिंह रावत ने भी एक-एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी। ग्राम प्रधान महेंद्र सिंह रावत और महावीर सिंह नेगी ने क्षेत्र के अन्य गांवों को भी आपदा पीड़ितों की सहायता के लिए हाथ बढ़ाने की अपील की। मनरेगा संगठन दशोली के सदस्यों ने 2811 रुपये, गोपेश्वर पेंशनर्स कल्याण समिति ने पांच हजार रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष में भेजी।

डिडसारी के ग्रामीणों को बांटी राहत सामग्री
उत्तरकाशी। बाढ़ से तबाह हुए न्यू डिडसारी गांव की मदद के लिए बाहरी प्रदेशों की संस्थाएं भी आगे आ गई हैं। मंगलवार को दिल्ली की प्रज्ञा संस्था ने गांव के 144 परिवारों को 10 बोरी चावल, 200 कंबल तथा 100 मच्छरदानी वितरित की। संस्था के रोहित गुप्ता व रोपेश ने बताया कि ग्रामीणों को गंगोरी में बुलाकर राहत सामग्री सौंपी गई। इधर, भारत स्काउट्स एवं गाइड देहरादून उत्तरकाशी में प्रभावितों के लिए आई राहत सामग्री के पैकिंग व वितरण में सहयोग दे रहे हैं।

मदद के लिए आगे आए आश्रम और संस्थाएं
उत्तरकाशी। जनपद की विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाएं आपदा पीड़ितों की मदद में जुटी हैं। सौम्यकाशी रोटरी क्लब ने कई गांवों में प्रभावितों को राहत सामग्री बांटी।
एसबीएमए, अजीम प्रेमजी फाउंडेशन, हिमालय जड़ी-बूटी एग्रो संस्थान ने भी पीड़ितों को राहत सामग्री बांटी। राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय की ओर से दूरस्थ गांव पिलंग में स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। जिसमें 80 रोगियों का उपचार कर नि:शुल्क दवाई वितरित की गई। फार्मेसिस्ट दुर्गेश नौटियाल ने बताया कि शिविर में उल्टी-दस्त, खुजली, बुखार के सबसे अधिक रोगी पहुंचे। सेवा आश्रम मनेरी के प्रेम बुडाकोटी और अनिल महाराज ने स्याबा के ग्रामीणों को गंगोरी में बुलाकर 35-35 किलोग्राम की राहत सामग्री दी। इसमें आटा, चावल, दाल, कंबल के साथ ही अन्य जरूरी सामग्री भी शामिल हैं। इसके साथ ही शिव गंगा सेवा संघ नई दिल्ली के संजय घोले, ऋषि गुप्ता, प्रताप सिंह नगी, अनिल ने भी मानपुर, जोशियाड़ा, मनेरा के साथ ही डिडसारी गांव के ग्रामीणों को दो ट्रक राहत सामग्री वितरित की।

बदायूं की संस्था ने मदद को बढ़ाया हाथ
थत्यूड़ (टिहरी)। परोली, सुनाऊ, पापरा, सेरवा, बंगार व छादड़गांव के 150 आपदा प्रभावित परिवारों को उत्तर प्रदेश भारतीय स्काउट गाइड संस्था बदायू की ओर से राहत समग्री का वितरण किया गया। संस्था की ओर से आपदा पीड़ितों की मदद के लिए चीनी, चायपत्ती, चावल, दाल, आटा, कंबल, मोमबत्ती, मसाले आदि खाद्य सामग्री का वितरण गया। इस मौके पर महेश चंद्र सक्सेना, संजीव कुमार शर्मा, दिनेश चंद्र, प्रवेश कुमार व अमित राठौर आदि उपस्थित थे।

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