
डरोह (कांगड़ा)। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में तैनात हजारों पीटीए शिक्षकों को दो माह से मानदेय की अदायगी नहीं हो पाई है। शिक्षा विभाग की ओर से अभी तक ग्रांट जारी नहीं हुई है। सरकार द्वारा ग्रांट जारी न होने के चलते पीटीए शिक्षक बिना पगार के ही सेवाएं दे रहे हैं।
विस चुनाव के बाद प्रदेश सरकार ने मंत्रिमंडल की पहली बैठक में पीटीए शिक्षकों के लिए स्थाई नीति बनाने और शीघ्र नियमितीकरण करने की बात कही थी। लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी सरकार ने शिक्षकों के लिए कोई स्थाई नीति नहीं बनाई। वहीं नीति तो दूर अध्यापकों को दो माह से मानदेय की अदायगी भी नहीं हो पाई है। इसके चलते पीटीए शिक्षकों को आर्थिक रूप से परेशानी उठानी पड़ रही है। सरकार द्वारा मानदेय कागजों में तो जरूर बढ़ा। लेकिन पीटीए शिक्षकों के हाथ पिछले दो माह से खाली हैं। ऐसे में पीटीए शिक्षकों में मायूसी छाई हुई है। प्रदेश पीटीए शिक्षक संघ के पदाधिकारी भी सरकार के ढुलमुल रवैए से मायूस हैं। संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि पालिसी के बारे में जब भी सरकार और विभाग के आला अधिकारियों से बात की जाती है तो वह केवल मुख्यमंत्री के आदेशों की बात ही करते हैं। जिला कांगड़ा पीटीए शिक्षक संघ के प्रधान राजेश भाटा ने बताया कि पिछले दो माह से पीटीए शिक्षकों की ग्रांट विभाग सेे जारी नहीं हुई है। इस कारण हजारों शिक्षकों को वेतन नहीं मिल रहा है।
उधर, पीटीए शिक्षकों अजय कुमार, सुभद्रा देवी, कांता राणा, राजेंद्र राणा, संजीव चौहान, संजय कुमार, अनिल सुग्गा, विवेक गुप्ता, संजीव पटियाल, संजय चौधरी, तमन्ना राणा, अचला राणा, भुवनेश शर्मा, सुमित सूद, विनोद कुमार, नंद किशोर, प्रेम सागर, पिंकी देवी, पंकज गुलेरिया, विपन, राजीव, सरोज बाला, राज कुमार, कमल, संतोष, काजल, प्रीतम आदि ने विभाग से मांग की है कि पीटीए शिक्षकों को मिलने वाली ग्रांट शीघ्र जारी की जाए।
उधर, इस संदर्भ में संपर्क करने पर शिक्षा उपनिदेशक भजन सिंह ने कहा कि ग्रांट आ रही है। जल्द ही पीटीए शिक्षकों को मानदेय मिल जाएगा।
