
मंडी। शहर के समखेतर मोहल्ले में बंदर के हमले में घायल हुई निशा पीजीआई चंडीगढ़ में जिंदगी की जंग लड़ रही है, लेकिन उसे अभी तक न तो सरकार, प्रशासन और न ही वन विभाग की ओर से कोई राहत प्रदान की गई है। निशा के माथे की हड्डी टूट चुकी है तथा सिर में खून जाम हो गया है, जबकि उसके दोनों घुटने टूट चुके हैं।
निशा गत पांच मई को बंदराें के हमले में इमारत की दूसरी मंजिल से नीचे गिर गई थी। गंभीर रूप से घायल निशा के उपचार के लिए अभी तक वन विभाग और प्रशासन ने किसी तरह की वित्तीय एवं चिकित्सकीय मदद मुहैया नहीं करवाई है। शनिवार को पीजीआई चंडीगढ़ से फोन पर निशा की मां प्रोमिला देवी ने बताया कि निशा के सिर में दर्द है। आंख से धुंधला नजर आ रहा है। घुटनों पर पलस्तर हुआ है। घुटनों का आपरेशन भी करना पड़ सकता है। निशा की इस हालत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया है। दवाइयों से लेकर खाने-पीने का सारा खर्च बेसहारा मां के सिर पर है।
इधर, बंदर के हमले में घायल निशा के चिकित्सीय उपचार के लिए राहत प्रदान न करने पर आम आदमी पार्टी बिफर गई है। आप ने विभाग तथा प्रशासन को 13 मई तक का समय दिया है। इसके बाद आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता देशराज शर्मा अनिश्चितकालीन अनशन शुरू करेंगे। देशराज शर्मा का कहना है कि इस आशय पर ज्ञापन उपायुक्त मंडी तथा मुख्यमंत्री को भेज दिया है। उधर, एसडीएम शुभकरण सिंह ने निशा को 15 हजार की सहायता दी है।
