
नैनीताल। कुमाऊं आयुक्त आरके सुधांशु ने बताया कि पिथौरागढ़ के धारचूला और इससे लगे क्षेत्र में आई आपदा से जिले को 325 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। वहां करीब 500 भवन क्षतिग्रस्त हुए हैं जबकि पांच लोगों की मृत्यु हुई है। इसके अलावा 22 लोग अब भी लापता हैं। बता दें कि पिथौरागढ़ में आई आपदा के बाद बीते कुछ दिनों से आयुक्त संबंधित क्षेत्र में डेरा जमाए हुए थे और नियमित रूप से राहत एवं बचाव कार्य समेत पीड़ितों की वितरित की जा राहत राशि की भी मानीटरिंग कर रहे थे।
आपदाग्रस्त क्षेत्र से लौटने के बाद अमर उजाला से हुई भेंट में श्री सुधांशु ने बताया कि चार हेलीकाप्टर बीते 17 दिनों से आपदा ग्रस्त क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ला रहे हैं। अब तक 1005 लोगों को सुरक्षित क्षेत्र में लाया गया है। कुमंविनि के एमडी दीपक रावत के समन्वय में हेलीकाप्टर का सफल संचालन किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि 11 पंचायत विकास अधिकारी, पांच सप्लाई इंस्पेक्टर, एसडीएम धारी को वास्तविक नुकसान की पड़ताल के लिए क्षेत्र में तैनात किया गया है। मदकोट-जौलजीवी, धारचूला-तवाघाट आदि मार्गों के बंद होने की सूचना शासन स्तर पर दे दी गई है। उन्होेंने बताया कि अब तक एनएचपीसी को 120 करोड़, जल विद्युत निगम और बीआरओ को 65-65 करोड़, उरेडा को 10 करोड़ समेत कुल 325 करोड़ रुपये की परिसंपत्ति का नुकसान हुआ है।
