पिथौरागढ़ ओबीसी के दायरे में क्यों नहीं

पिथौरागढ़। उत्तरकाशी जिले को ओबीसी के दायरे में लिए जाने संबंधी प्रदेश सरकार के फैसले के बाद यहां के लोग भी इसी तरह की मांग को लेकर मुखर होने लगे हैं। यहां के लोगों का तर्क है कि पिथौरागढ़ और उत्तरकाशी जिले का गठन 1960 में एक समान परिस्थितियों में हुआ था। ऐसे में पिथौरागढ़ को भी ओबीसी केे दायरे में लिया जाना चाहिए।
पिथौरागढ़ जनमंच के संयोजक भगवान रावत ने इस संबंध में जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया और मांग की कि इस जिले को भी ओबीसी का दर्जा दिया जाए। उन्होंने जिलेे के विधायकों के रवैए पर आश्चर्य जताते हुए कहा कि कम से कम उनको यह आवाज जरूर उठानी चाहिए। भारतीय जनता पार्टी केे प्रदेश प्रवक्ता सुरेश जोशी ने कहा कि सरकार को इतना बड़ा फैसला लेने से पहले अन्य जिलों की परिस्थितियों का भी ध्यान देना चाहिए। सरकार राजनैतिक कारणों से कई विषमताएं पैदा कर रही है। उसी से जुड़ा ओबीसी का मामला भी है। नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र सिंह रावत ने पिथौरागढ़ जिले को ओबीसी के दायरे में लेने की मांग की है।
ठेकेदार यूनियन के जिलाध्यक्ष तारा चंद ने कहा कि सरकार को इस जिले के प्रति नकारात्मक सोच छोड़नी चाहिए। पिथौरागढ़ को ओबीसी के दायरे में लेेने के पीछे कई पक्केे आधार बताते हुए उन्होंने कहा कि इस पर तत्काल फैसला लेना चाहिए।

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