पिंडरघाटी में थम नहीं रहा आपदा का कहर

कर्णप्रयाग। आपदा के दो माह बाद भी भूस्खलन रुकने का नाम नहीं ले रहा है। पिंडरघाटी के पालछुनी गांव में चार मकान भूस्खलन की जद में आ गए हैं। नारायणबगड़-भगोती मार्ग स्थित कौब गली के कई घरों, दुकानों में दरारें आ गई हैं। प्रभावितों ने प्रशासन से उन्हें सुरक्षित स्थान पर विस्थापित किए जाने की मांग की है।
नारायणबगड़ क्षेत्र के पालछुनी गांव में पार सिंह, कुंवर सिंह, जवाहर सिंह, दीपक सिंह के मकान भूस्खलन की चपेट में आ गए हैं। प्रभावितों ने मकान छोड़कर अन्यत्र शरण ली है। दो दिन पूर्व से नारायणबगड़-भगोती मार्ग पर वन विभाग के रेंज कार्यालय के निकट से करीब साठ मीटर क्षेत्र में भूस्खलन हो रहा है। इस नई समस्या से कौब गली में दस मकानों, दुकानों को खतरा पैदा हो गया है। युवा समाज सेवी जयवीर कंडारी ने बताया कि रुक-रुक कर हो रहे भूस्खलन से संतोष सती, भवान सिंह रावत, रमेश सती, शुभम नेगी, बहादुर नेगी, मगन लाल के मकानों पर दरारें आ गई हैं। प्रभावित परिवार दहशत के साये में जीने को मजबूर हैं। लेकिन सूचना के बावजूद भी प्रशासन, राजस्व पुलिस का कोई कर्मचारी अभी तक निरीक्षण पर नहीं पहुंचा है।

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