
शिमला। नगर निगम 2014-15 का बजट पार्षदों के सुझावों से तैयार करेगा। वार्डों में मूलभूत सुविधाएं देने के लिए बजट में विशेष ख्याल रखा जाएगा। बुधवार को बजट की तैयारियों को लेकर महापौर संजय चौहान की अध्यक्षता में अफसरों के साथ पहली बैठक हुई। संभावित है कि फरवरी में बजट पेश कर दिया जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक इस साल बजट में शहरवासियों को बड़े सब्जबाग नहीं दिखाए जाएंगे। आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए पहले मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवाने पर बल दिया जाएगा। इसके लिए पार्षदों से निचले स्तर से किए जाने वाले कार्यों का ब्योरा जुटाया जाएगा। नगर निगम के सभी पार्षदों से उनके वार्डों में विकास कार्यों के प्रस्ताव मांगे जाएंगे। इन प्रस्तावों पर मंथन करने के बाद इन्हें बजट में शामिल किया जाएगा। आय के स्रोतों को लेकर भी इस बार खास एहतियात बरतने की तैयारी की गई है। उन्हीं आय के स्रोतों को बजट में जोड़ा जाएगा, जहां से वास्तविकता में आय प्राप्त होगी। बजट बढ़ाने के लिए आंकड़ों का मायाजाल बुनने से इस बार गुरेज करने की तैयारी है। निगम के खर्चों पर भी लगाम कसने का विचार किया जा रहा है। बैठक में मौजूद अफसरों के मुताबिक खर्चे की राशि को इस बार कम किया जाएगा। महापौर संजय चौहान का कहना है कि बजट कैसा होगा, इस बाबत अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। पार्षदों से इस संदर्भ में सुझाव मांगे जाएंगे। पूरे शहर की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए बजट तैयार किया जाएगा। महापौर ने शहर के 22 वार्डों में अभी वार्ड कमेटियों का गठन नहीं होने पर निराशा जताई है।
