
शिमला। पर्यटक सीजन शुरू होने से पहले सैलानियों की सुविधाओं के लिए बडे़-बड़े दावे करने वाला प्रशासन और पुलिस अब जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार नहीं। पार्किंगें पैक हैं और टूरिस्ट वाहन शातिरों के निशाने पर हैं। पर्यटकों की गाड़ियों का महंगा सामान चुराने, तोड़ फोड़ करने और टायर पंचर करने जैसी घटनाएं हो रही हैं। बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और बाईपास रोड के आसपास ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। रविवार को शिमला रेलवे स्टेशन पर शातिरों ने यूपी नंबर कार के चारों टायरों से हवा निकाल ली। इसे लेकर जब रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स के कर्मचारियों से बात की गई, तो उन्होंने घटना को लेकर किसी भी तरह की जिम्मेदारी लेने से पल्ला झाड़ लिया।
यहां आने वाले पर्यटकों को पार्किंग फुल मिलती हैं, यलो लाइन में स्थानीय लोगों की गाड़ियों का कब्जा। कहीं इधर उधर गाड़ी खड़ी कर दी तो पुलिस क्रेन कार उठा ले जाएगी या फिर कोई शातिर कार के चारों टायरों की हवा ही निकाल देगा। ऐसे में कौन सैलानी शिमला आना चाहेगा। शिमला में दाखिल होते ही सैलानियों के लिए परेशानी का दौर शुरू हो जाता है। प्रशासन की ओर से कोई इंतजाम नहीं हैं। गाड़ियों की कोई सुरक्षा नहीं है। बाहरी राज्यों के नंबरों की गाड़ियां देखकर कई बदसलूकी पर उतर जाते हैं। किसी को रेलवे स्टेशन या बस अड्डे पर कार से जाना हो, तो वहां गाड़ी खड़ी करने की जगह नहीं। साइड में कार लगाकर मेहमान को छोड़ने या लेने जाएं तो वापसी में महज पांच मिनट के भीतर टायरों से शातिर हवा निकाल देते हैं। इसके लिए सीधे तौर पर प्रशासन जिम्मेदार है, जो न तो पार्किंग उपलब्ध करवा पा रहा और न ही शरारती तत्वों पर नकेल कस पा रहा है। प्रशासन का काम बस लोगों की गाड़ियों के चालान काटकर अपना टारगेट पूरा करना है।
व्यवस्था बनाने में दिक्कत
रेलवे स्टेशन अधीक्षक जीएस राजपूत ने बताया कि यूको बैंक एटीएम से रेलवे स्टेशन आने वाली सड़क एप्रोच रोड है। यहां गाड़ियां खड़ी करना मना है। उन्होंने बताया कि आरपीएफ में कर्मचारियों की कमी के कारण व्यवस्था बनाने में दिक्कत पेश आती है।
पार्किंग या यलो लाइन में गाड़ी खड़ी करें : एसपी
पुलिस अधीक्षक अभिषेक दुल्लर ने कहा कि पार्किंग या यलो लाइन में गाड़ी खड़ी करें। इसके अलावा सिटी में अगर वाहन चालक गाड़ी खड़ी करते हैं तो ट्रैफिक में रुकावट आती है। अगर जानबूझकर कोई आपकी गाड़ी को नुकसान पहुंचाता है तो लिखित में इसकी शिकायत पुलिस से करें। तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
