
शिमला। भट्ठाकुफर फल मंडी में पंद्रह दिन से पानी की किल्लत ने विकराल रूप धारण कर लिया है। पल्लेदार यूनियन ने चेतावनी दी है कि जल्द से जल्द पानी की आपूर्ति न की गई तो सेब कारोबार को ठप कर देंगे। मंडी में पानी की नियमित आपूर्ति न होने के कारण सेब उत्पादकों, कारोबारियों और मजदूरों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। मंडी में रोजाना दो हजार से अधिक वाहन सेब लेकर पहुंच रहे हैं। पल्लेदार यूनियन का दावा है कि मंडी को पानी का एकमात्र कनेक्शन दिया गया है। मंडी समिति की ओर से एक हजार लीटर की पानी टंकी फल मंडी में लगाई गई है। पानी आने पर एक-दो घंटे में ही टंकी खाली हो जाती है। पानी की समस्या को लेकर आढ़ती एसोसिएशन और मंडी समिति को कई बार अवगत करवाया गया है। बावजूद इसके समस्या का हल नहीं हो पा रहा है। रविवार को मंडी पहुंचे कलबोग के राजीव राजटा व कोटखाई के रमेश शर्मा ने बताया कि मंडी में पानी उपलब्ध न होने के कारण पानी खरीदकर गुजारा करना पड़ रहा।
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बंदोबस्त न किया, तो कारोबार बंद : मदन
फल मंडी में काम करने वाले लोगों को पानी नसीब नहीं हो रहा। मंडी में पानी का एकमात्र कनेक्शन है जिसमें 15-20 दिन बाद पानी आता है। पानी की किल्लत के कारण मजदूरों को भारी दिक्कत पेश आ रही है। मंडी के लिए जल्द से जल्द पानी का बंदोबस्त नहीं किया जाता तो कारोबार बंद कर दिया जाएगा।
मदन, अध्यक्ष पल्लेदार यूनियन, फल मंडी
जल्द लगेगा एक और कनेक्शन
भट्ठाकुफर फल मंडी में आढ़तियों, मजदूरों और सेब उत्पादकों को पेश आ रही समस्या को हल करने के लिए पानी का एक अतिरिक्त कनेक्शन लगाया जाएगा। जल्द से जल्द कनेक्शन लगाने की कोशिश की जा रही है। नगर निगम से टैंकरों के माध्यम से भी पानी मंगवाया जा रहा है।
– अनिल चौहान, सचिव, भट्ठाकुफर फल मंडी समिति
पानी की किल्लत से दिक्कत
भट्ठाकुफर फल मंडी में पीने के पानी की व्यवस्था न होने के कारण दिक्कत पेश आ रही है। रोजाना सैकड़ों ग्रोवर माल लेकर यहां पहुंचते हैं, लेकिन पानी की व्यवस्था न होने के कारण उन्हें परेशानी झेलनी पड़ती है। पानी की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए मंडी समिति को सूचित किया गया है।
