
उत्तरकाशी। जोशियाड़ा तथा ज्ञानसू क्षेत्र में एक सप्ताह बाद भी पानी की सप्लाई सुचारु नहीं हो पाई है। जल संस्थान वैकल्पिक तौर पर टैंकरों से पानी की आपूर्ति करने की कोशिश कर रहा है।
बाढ़ से उत्तरकाशी शहर के साथ ही जोशियाड़ा, ज्ञानसू, दलाड़ी, तिलोथ क्षेत्र की पेयजल योजना कई जगहों पर टूट गई थी। शहर के कुछ इलाकों में दो दिनों से पानी आ रहा है, लेकिन कई इलाकों में आपूर्ति अभी भी ठप पड़ी हुई है। जिससे लोगों को पानी के पानी के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। जोशियाड़ा निवासी पूरणलाल, सूरतलाल, भरतलाल बताते हैं कि टैंकर से दिनभर में मात्र दो बाल्टी पानी ही मिल पा रहा है। जो खाना बनाने के लिए भी पूरा नहीं हो पा रहा है। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता आरएस नेगी ने बताया कि आपदा ग्रस्त क्षेत्रों की पेयजल लाइनों को दुरुस्त किया जा रहा है। फिलहाल कई इलाकों में वैकल्पिक व्यवस्था के तहत टैंकरों से पानी की आपूर्ति की जा रही है।
उत्तरकाशी। बाढ़ के बाद से जनपद के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई। गंगा घाटी गंगोरी से लेकर गंगोत्री तक पूरी तरह से अंधकार में डूबी हुई है। इसके अलावा यमुना घाटी के कई हिस्सों में आपूर्ति पूर्ण तरीके से भंग हो गई है। आपदा आने के बाद जोशियाड़ा में एचटी लाइन के क्षतिग्रस्त होने से पूरे जिले में अंधकार छा गया था। मौसम खुलने के बाद ऊर्जा निगम के कर्मचारी लाइनों को दुरुस्त करने में जुटे हैं। अब तक डुंडा, चिन्यालीसौड, पुरोला, बडकोट में वैकल्पिक रूप से आपूर्ति बहाल हो गई हैं। जिले की अधिकतर आबादी अंधेरे में जीवन यापन कर रही है। यमुनाघाटी में भी डामटा, हनुमानचट्टी में अंधकार छाया हुआ है। लाइट न होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एसडीओ रोशनलाल रतूड़ी ने बताया कि एचटी लाइन पूर्ण तरीके से टूट जाने से आपूर्ति बंद हो गई थी। कुछ क्षेत्रों में वैकल्पिक रूप से आपूर्ति सुचारु कर दी है।
