पाकिस्तान ने फिर किया संघर्ष विराम का उल्लंघन, भारतीय चौकियों पर की गोलीबारी

पाकिस्तान ने फिर किया संघर्ष विराम का उल्लंघन, भारतीय चौकियों पर की गोलीबारी

जम्मू: पाकिस्तानी सैनिकों ने जम्मू-कश्मीर के पुंछ जि़ले में नियंत्रण रेखा पर स्थित भारतीय चौकियों पर गोलीबारी कर कल रात एक बार फिर संघर्ष विराम का उल्लंघन किया। इससे चार दिन पहले ही पाकिस्तानी सेना के विशेष सैन्य दल के हमले में पांच भारतीय जवान शहीद हुए थे। रक्षा विभाग के प्रवक्ता एस एन आचार्य ने आज कहा, ‘‘ पाकिस्तानी सेना ने कल रात 10 बजकर 20 मिनट के करीब पुंछ जि़ले के दुर्गा बटालियन इलाके में नियंत्रण रेखा पर अकारण गोलीबारी की।’’

उन्होंने बताया कि पाकिस्तानी सेना ने छोटे और स्वचालित हथियारों से रात 10 बजकर 50 मिनट तक गोलीबारी की। उन्होंने संघर्ष विराम का उल्लंघन किया। आचार्य ने कहा कि भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई की। गोलीबारी के दौरान किसी प्रकार के जान माल की हानि नहीं हुई। गौरतलब है कि पाकिस्तानी सेना के नेतृत्व में 20 हथियारबंद लोगों के समूह ने छह अगस्त को पुंछ सेक्टर में भारत की सीमा में 450 मीटर तक प्रवेश करके घात लगाकर हमला किया था जिसमें भारतीय सेना के पांच जवान शहीद हो गए थे।

रक्षा मंत्री ए के एंटनी ने इस जघन्य कृत्य के लिए पाकिस्तानी सेना को दोषी ठहराया था और चेतावनी भी दी थी कि गत मंगलवार को हुई घटना का असर नियंत्रण रेखा पर भारत के व्यवहार और पाकिस्तान के साथ संबंधों पर पड़ेगा। उन्होंने कहा था ‘‘अब यह स्पष्ट है कि पाकिस्तानी सेना के विशेष सैन्य दल इस हमले में शामिल थे। ’’ उन्होंने कड़ा रख अख्तियार करते हुए संसद में कहा था ‘‘ पुंछ सेक्टर में नियंत्रण रेखा पर भारतीय सैनिकों पर किए गए ‘जघन्य और अकारण’ हमले से हम सभी आहत है और स्वाभाविक रूप से इस घटना से नियंत्रण रेखा पर हमारे व्यवहार और पाकिस्तान के साथ हमारे संबंधों पर प्रभाव पड़ेगा।’’

उन्होंने पाकिस्तान को संदेश देते हुए कहा था, ‘‘ हमारे संयम को हल्के ढंग से नहीं लिया जाए और न ही सशस्त्र सेनाओं की क्षमता और नियंत्रण रेखा की गरिमा बनाए रखने के सरकार के संकल्प पर कभी संदेह किया जाना चाहिए। ’’ एंटनी ने कहा था, ‘‘ इस त्रासदी और इससे पहले इस वर्ष के आरंभ में दो सैनिकों की निर्मम हत्या के लिए जिम्मेदार पाकिस्तान में बैठे लोगों को सजा मिलनी ही चाहिए।’’ उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान को आतंकवादी नेटवर्क, संगठनों और ढांचे को ध्वस्त करने के लिए प्रतिबद्धता से कार्रवाई करनी चाहिए और नवंबर 2008 में मुंबई आतंकी हमले के लिए जिम्मेदार लोगों को शीघ्र सजा दिलाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दिखानी चाहिए।

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