पाकिस्तान ने कभी मांगा ही नहीं इसलिए नहीं दिया टीका : भारत Download Amar Ujala App for Breaking News in Hindi & Live Updates. https://www.amarujala.com/channels/downloads?tm_source=text_share

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पड़ोसी देशों को कोरोना का टीका देने पर विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि पाकिस्तान की ओर से कभी मांग ही नहीं की गई इसी लिए उसे टीका नहीं दिया। भारत ने भूटान, मालदीव, नेपाल, म्यांमार और बांग्लादेश को देश में बना टीका उपलब्ध कराया है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा, भारत टीका निर्माण का वैश्विक गढ़ है, लोगों में भारत से टीका लेने में उनका ही हित है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले ही कहा था कि कोरोना से जंग में भारत की वैक्सीन उत्पादन और वितरण क्षमता का उपयोग समस्त मानवता के लिए लाभकारी होगी।

श्रीवास्तव ने बताया कि 19 जनवरी के एलान के मुताबिक 20 जनवरी से हमने अपने पड़ोसी देशों को टीका भेजना शुरू कर दिया था। पहले चरण में डेढ़ लाख खुराकें भूटान और एक लाख खुराक मालदीव गई।

बृहस्पतिवार को दस लाख खुराक नेपाल, 20 लाख खुराक बांग्लादेश भेजी गई और शुक्रवार को 15 लाख खुराकों की खेप म्यांमार, एक लाख मॉरिशियस और 50 हजार खुराकें सेशल्स के लिए रवाना हुई।

श्रीवास्तव ने कहा, जहां तक मेरी जानकारी है पाकिस्तान ने अब तक टीके की मांग नहीं की है, न ही सरकार के स्तर पर और न ही व्यावसायिक स्तर पर। इसी लिए भारत ने पाकिस्तान को टीका नहीं दिया।

अगले दौर की सैन्य वार्ता के लिए चीन से बातचीत जारी
अनुराग श्रीवास्तव ने पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर शांति बहाल करने के लिए तनातनी वाले इलाकों से सैनिकों की पूर्ण वापसी के लिए अगले दौर की सैन्य वार्ता के लिए चीन से लगातार बातचीत जारी है। भारत और चीन की सेनाओं के बीच सीमा पर बीते आठ महीने से गतिरोध जारी है।

श्रीवास्तव ने कहा, दोनों देश बहुत जल्द अगले दौर की सैन्य वार्ता कराना चाहते हैं। तारीख तय करने के लिए दोनों के बीच बातचीत जारी है।

भारतीय मिशनों पर सुरक्षा के लिए दिए निर्देश
विदेश मंत्रालय ने गणतंत्र दिवस के मौके पर सभी देशों के मिशनों को सावधानी बरतने और मिशनों की सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।  ब्रिटेन स्थित भारतीय मिशन के बाहर खालिस्तान समर्थकों के प्रदर्शन की सूचना को गंभीरता से लेते हुए विदेश मंत्रालय ने यह निर्देश जारी किए हैं।

अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि जहां भी मिशन के बाहर स्थिति बिगड़ने की आशंका होती है उस देश की सरकार को तत्काल सूचित किया जाता है और सरकारें उचित कदम उठाती हैं। दरअसल प्रतिबंधित सिख फॉर जस्टिस संस्था ने लंदन स्थित भारतीय मिशन के बाहर 26 जनवरी को जाम लगाने की चेतावनी दी थी।

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