पांच से 15 हजार स्कूलों की एडमिशन फीस

बम्म (बिलासपुर)। निजी शिक्षण संस्थानों में बच्चों का दाखिला मुश्किल हो गया है। अधिकतर संस्थान लोगों से फीस के नाम पर भारी भरकंप वसूली कर रहे हैं। निजी स्कूलों में मनमर्जी से एडमिशन फीस में इजाफा किया गया है। इस ओर कोई कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। इससे शिक्षा के अधिकार की भी अवहेलना की जा रही है।
अभिभावकों ने भी प्रवेश शुल्क बढ़ाने पर चिंता जताई है। अभिभावक कश्मीर चंद, सुभाष ठाकुर, यशपाल, रंगील सिंह, रतन सिंह, सरोज पठानिया, मोती लाल, प्यार सिंह, बलदेव राज, राकेश ने कहा है कि निजी स्कूलों में पांच से 15 हजार रुपये का प्रवेश शुल्क वसूला जा रहा है। हर माह दसवीं, बारहवीं कक्षा की मासिक फीस पांच सौ रुपये से लेकर एक हजार रुपये तक निर्धारित की गई है। जो शिक्षा के अधिकार की अवहेलना है। सभी अभिभावक अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान करना चाहते हैं। लेकिन निजी स्कूलों द्वारा जो फीस, प्रवेश शुल्क वसूल किया जा रहा है। उसके मुताबिक तो बच्चों को तो सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं। यहां तक कि कई निजी स्कूलों में तो मैदान भी नहीं हैं। बच्चे खेलकूद जैसी प्रतियोगिताओं में भाग लेने से वंचित रह सकते हैं। उन्होंने विभाग से आग्रह किया है कि इस ओर उचित कदम उठाए जाएं।
उच्च शिक्षा उप निदेशक प्रीतम सिंह ढटवालिया ने कहा है कि मामला उनके ध्यान में आया है। यदि निजी स्कूल मनमाने ढंग से फीस, प्रवेश शुल्क ले रहे हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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