
नारायणबगड़/देवाल/थराली। पांच दिन बाद भी पिंडरघाटी में सड़क, बिजली और संचार सेवा बहाल नहीं हो पाई है। वहीं प्रशासन की ओर से अभी तक त्वरित सहायता भी प्रभावितों को नहीं बांटी जा सकी है। ऐसे में कब इन सुविधाओं की बहाली होगी, कहना मुश्किल है।
17 जून को आपदा के कहर से प्रभावित पिंडरघाटी में अभी तक जन जीवन पटरी पर नहीं लौटा है। यहां मुख्य मार्ग सहित अन्य सड़कों के बंद होने से क्षेत्र में अनाज संकट की स्थिति पैदा हो गई है। आठ दिन से बीएसएनएल संचार सेवा भी बहाल नहीं हो पाई है, जिससे प्रभावितों का अपने सगे-संबंधियों से संपर्क नहीं हो पाया है। घाटी में बिजली की सप्लाई ठप पड़ी है। देवाल से थराली के बीच ऊर्जा निगम के दस किमी क्षेत्र में हाईटेंशन लाइन के विद्युत पोल नदी में बह गए हैं। वहीं दूसरी तरफ नलगांव में हाईटेंशन लाइन की तारें टूट चुकी हैं, लेकिन अभी तक निगम मरम्मत कार्य शुरू नहीं कर पाया है। शासन, प्रशासन और विभागों की लेटलतीफी को लेकर प्रभावितों में भारी रोष व्याप्त है।
प्रभावितों को बांटी अनुग्रह राशि
जिला विकास अधिकारी मोहम्मद असलम के नेतृत्व में कस्बे के 114 आपदा प्रभावितों में से 31 को अनुग्रह राशि और 27 को टेंट बांटे गए। आपदा में अपनी दुकानें गवां चुके व्यापारियों ने त्वरित मदद न मिलने पर नाराजगी जताई।
वैकल्पिक व्यवस्था को बनेगा वैली ब्रिज : भट्ट
देवाल। लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता आरपी भट्ट ने थराली-देवाल मोटर मार्ग का जायजा लिया और थराली में मोटर पुल को हुए नुकसान का भी गहनता से निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि थराली में सड़क और मोटर पुल के बीच 70 मीटर का फासला हो गया है, जिससे सुधारने में लंबा समय लग सकता है। वैकल्पिक व्यवस्था बनाने को वैली ब्रिज बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि पुल निर्माण की सामग्री एक-दो दिन में पहुंचा दी जाएगी। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को त्वरित समय में संपर्क मार्गों पर भी यातायात बहाली के प्रयास करने के निर्देश दिए।
नंदकेशरी-ग्वालदम मोटर मार्ग खुला
देवाल। शुक्रवार को लोक निर्माण विभाग ने नंदकेशरी-ग्वालदम और थराली-देवाल मार्ग हल्के वाहनों के लिए खोल दिए गए हैं। लेकिन पिंडरघाटी की लाइफ लाइन कर्णप्रयाग-ग्वालदम मोटर मार्ग पर यातायात बहाल नहीं हो पाया है। वहीं देवाल से थराली के तक काम के लिए कोई मजदूर नजर नहीं आया।
