
हरिद्वार में ज्वालापुर पुलिस को दिनभर एक युवती ने छकाए रखा। बुधवार की सुबह करीब 11 बजे शंकर आश्रम तिराहे पर लोगों ने इंडिगो कार से सहारनपुर के एक परिवार से युवती को छुड़ाया।
इस युवती ने पहले तो कार में सवार लोगों पर अपने अपहरण का आरोप लगाया लेकिन कुछ घंटे बाद ही परिवार के एक युवक से विवाह करने की बात कहने लगी। देर शाम तक युवती और सहारनपुर का परिवार कोतवाली में ही मौजूद थे।
मदद के लिए लगाई गुहार
बुधवार की सुबह शंकर आश्रम के पास सफेद रंग की एक इंडिगो कार में सवार युवती मदद के लिए चिल्लाने लगी। आवाज सुनकर चौंके स्थानीय व्यापारियों ने कार को रुकवाकर उसमें सवार दो पुरुषों और एक महिला की धुनाई कर दी जबकि चालक इधर-उधर हो गया।
मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मी युवती और कार में सवार अन्य लोगों को कोतवाली ले आए। पूछताछ में युवती ने बताया कि वह� फिलहाल फगवाड़ा, पंजाब में झुग्गी झोपड़ी में रहती है और मूल रूप से शाहजहांपुर के गांव इसापुर की रहने वाली है।
जबरन ले जाने का आरोप
युवती ट्रेन में गाने गाकर जीवन यापन करती है। बुधवार की सुबह ही वह अपनी दो सहेलियों के साथ यहां पहुंची थी। हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर मिले ये लोग उसे खाना खिलाने के बहाने अपने साथ जबरन ले जा रहे थे।
वहीं कार सवार लोगों ने खुद को सहारनपुर के गांव इस्लामनगर, रामपुर मनिहारान का निवासी बताया। वे आपस में पति, पत्नी और देवर हैं।
उनका कहना था कि ग्राम जल्लाबाद, नानौता के रहने वाले उनके परिचित विश्वास कुमार ने इस युवती से शादी कराने के नाम पर 18 हजार रुपये लिए हैं। परिचित के साथ आए दो युवकों ने युवती को उन्हें सौंपा था।
कुछ ही घंटे में बदल गए सुर
पहले अपहरण का आरोप लगा रही युवती चंद घंटे बाद कहने लगी कि वह इस परिवार के युवक के साथ शादी करना चाहती है। कोतवाली प्रभारी पंकज गैरोला ने बताया कि पूरा मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाया गया है। उनके निर्देश के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
शादी के नाम पर ठगने वाले गैंग से जुडे़ तार
पुलिस के अनुसार प्रांरभिक जांच में सामने आया कि शादी के नाम पर ठगी कर लेने वाले गैंग से युवती मिली हुई है। पूरे प्रकरण का मुख्य किरदार विश्वास भी पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ सका।
सुबह जब प्रकरण पुलिस तक पहुंचा, तब दंपति ने शादी के नाम पर 18 हजार रुपये लेने वाले शख्स की पहचान बताई। दंपति के कई बार फोन करने पर भी उस शख्स ने कॉल रिसीव नहीं की।
पुलिस मान रही है कि, गैंग की सदस्य युवती को सब सिखाकर ही भेजा गया था। तभी उसे आगे पहुंचकर हंगामा खड़ा किया। एक अधिकारी ने बताया कि युवती तीन बार पूर्व में भी ऐसा कर चुकी है। कोतवाली प्रभारी के अनुसार विश्वास और उसके साथियों के बारे में युवती कुछ नहीं बता रही है।
रेलवे स्टेशन गैंग का ठिकाना
रेलवे स्टेशन हरिद्वार ही इस गैंग का ठिकाना है। इसका खुलासा पुलिसिया पूछताछ में हुआ है। देर रात गैंग का सदस्य विश्वास भी दंपति को लेकर रेलवे स्टेशन पहुंचा था। रात भी सभी ने स्टेशन पर बिताई थी।
दूसरी पत्नी की खातिर दिए 18 हजार
परिवार के जिस सदस्य की शादी के लिए युवती लाई गई थी, उसकी पहली पत्नी का देहांत हो चुका है। दोबारा शादी न होने के चलते ही इस युवती से शादी कराने के लिए रकम दी गई थी।
बच गया टैक्सी ड्राइवर
युवती को सहारनपुर ले जाने के लिएपरिवार ने स्थानीय टैक्सी स्टैंड से 2300 रुपये में टैक्सी बुक की थी। शंकर आश्रम के समीप जब युवती ने हंगामा किया, तब टैक्सी रोककर चालक मनमोहन वहां से निकलकर कुछ दूरी पर खड़ा हो गया।
चालक शुक्र मनाता रहा कि, दूसरे राज्य का ऑन लाइन टैक्स जमा कराने में उसे देर हो गई। यदि उसके सहारनपुर ले जाने के दौरान युवती ने हंगामा किया होता तब बात अधिक बिगड़ सकती थी। टैक्सी एसोसिएशन के पदाधिकारी भी कोतवाली पहुंच गए थे। पूछताछ के बाद चालक को पुलिस ने छोड़ दिया।
