पहले ये बताओ, उम्र किसने कम लिखवाई!

देहरादून के रायपुर क्षेत्र से अपहृत नाबालिग किशोरी की 24 घंटे बाद भी बरामदगी न होने पर भड़के नगर निगम पार्षदों ने एसएसपी कार्यालय पर प्रदर्शन किया।

एसएसपी का घेराव कर कार्रवाई की मांग की गई। उनका आरोप था कि एसओ रायपुर अपराधियों को शह दे रहे हैं। पार्षदों की मांग पर एसएसपी ने मामले की जांच सीओ सिटी ममता बोहरा को सौंप लड़की को जल्द बरामद करने का निर्देश दिया।

हंगामा शुरू
गुरुवार दोपहर पार्षद एसएसपी ऑफिस पहुंचे। एसएसपी के मौजूद न होने पर उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। सीओ सिटी ममता बोहरा पार्षदों से बात करने पहुंची। इस बीच एसएसपी कार्यालय में आ गए।

भाई के साथ दूध लेने गई
किशोरी के पिता ने बताया कि बेटी सुबह भाई के साथ दूध लेने गई थी। रास्ते में कुछ युवकों ने उसका अपहरण कर लिया। बताया कि पुलिस ने चार लोगों को पकड़ा, जिनसे किशोरी के हरिद्वार में होने की बात पता चली।

आरोप लगाया कि एसओ रायपुर मामले में कार्रवाई के बजाय आरोपितों की मदद कर रहे हैं। शिकायत पर एसएसपी ने एसओ रायपुर को तलब किया, साथ ही सीओ सिटी ममता बोहरा को जांच अपने हाथ में लेने के साथ ही किशोरी की सकुशल वापसी के भी निर्देश दिए।

प्रदर्शन में पार्षद नीतू वाल्मीकि, भूपेंद्र कठैत, सतीश कश्यप, अमिता सिंह, जीवन सिंह, कमली भट्ट, वर्षा बडोनी, अरुण खन्ना, अनीता सिंह, संतोष धीमान, सुशील गुप्ता आदि उपस्थित रहे।

पुलिस के सामने दी जान से मारने की धमकी
पार्षद और किशोरी की मां ने आरोप लगाया कि आरोपित युवकों ने पुलिस के सामने ही उन्हें गोली मारने की धमकी दी। बताया कि बृहस्पतिवार सुबह वह रायपुर थाने पहुंची तो आरोपितों को पुलिस आराम से खाना खिला रही थी।

उन्हें थाने में देख एक युवक ने धमकी दी, लेकिन किसी ने उसे नहीं रोका। एसएसपी ने मामले में शिकायत पत्र देने को कहा।

पुलिस के हाथ लगे पांच युवक
रायपुर पुलिस ने मामले में नामजद छह में से पांच आरोपित जोंटी, आशु, शुभम, मोनू और सुरेश को दबोच लिया। उनसे पूछताछ में कई अहम जानकारियां हाथ लगने की बात सामने आ रही है।

हालांकि, लड़की को लेकर फरार छठे आरोपित मनोज का अभी पता नहीं चला है। एसएसपी केवल खुराना ने बताया कि युवकों से मिली जानकारी के आधार पर कार्रवाई कर रही है। शुक्रवार तक मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।

लड़की की उम्र में फर्जीवाड़ा
एसएसपी ने बताया कि परिजनों ने पुलिस को जो कागज सौंपे हैं, उनमें लड़की की उम्र 16 साल बताई गई है। लेकिन पुलिस के हत्थे चढ़े मोनू के पास मिले लड़की के वोटर आईडी कार्ड में उसकी उम्र 18 वर्ष दर्ज है।

पुलिस इसकी भी जांच कर रही है। एसएसपी ने बताया कि लड़की की उम्र वोटर आईडी कार्ड में सही पाई गई तो परिजनों के खिलाफ 420 का मुकदमा भी हो सकता है।

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