
पर्यावरण विभाग के मुख्य वैज्ञानिक समेत पांच पर मुकदमा दर्ज
सोलन / परवाणू। एनआरटीसी लैब के मामले में कोर्ट की निर्देशों के बाद पुलिस ने पर्यावरण विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के मुख्य वैज्ञानिक अधिकारी और एनआरटीसी विभाग अध्यक्ष डॉ. हेमंत गुप्ता समेत एनआरटीसी संस्था के चार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा कायम करके जांच तेज कर दी है।
तत्कालीन ऑफिसर इंचार्ज के आरोपों के तहत कोर्ट ने षड्यंत्र रचने और फोन टेपिंग के मामले इन पर दायर किए गए हैं। मौजूदा समय में डॉ. हेमंत एनआरटीसी के ऑफिसर इंचार्ज हैं। वहीं आरोपी किरण गुप्ता, रंजना कुमारी, मेहर चंद चौहान, नीतिन परमार नेशनल रिसर्च एंड टेेक्नालॉजी कंस्टोरियम में तैनात हैं। मामले में पुलिस सभी से पूछताछ कर सकती है। इसकी पुष्टि एसपी सोलन डा रमेश छाजटा ने की है।
सस्पेंड हो चुका है शिकायतकर्ता
शिकायकर्ता सुजीत सिन्हा फरवरी 2013 में अनियमितता के आरोपों के तहत निलंबित हो चुके हैं। पंचकूला में अपनी पत्नी की फैक्टरी को चलाने के लिए एनआरटीसी के नाम का प्रयोग करके इसे घाटे में डालने के मामले में उनको सस्पेंड किया गया था। जिसकी पुष्टि वर्तमान प्रभारी और मामले में मुख्य अरोपी चीफ साइंटिफिक ऑफिसर डॉ. हेमंत महाजन ने की है।
मुख्य आरोपी को बनाया था जांच अधिकारी
अनियमितता की शिकायतों को लेकर निदेशक सूचना पर्यावरण विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के मुख्य वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. हेमंत गुप्ता को जांच अधिकारी तैनात किया था। अनियमितताएं उजागर होने के बाद कारण बताओ नोटिस जारी हुआ। जिसके बाद शिकायतकर्ता को सस्पेंड किया गया।
