
गर्मी बढ़ने के साथ ही अन्य जिलों और दूसरे प्रदेशों के सैलानी सैर के लिए मसूरी का रुख करने लगे हैं, लेकिन उनका यह कदम दूनवासियों के लिए आफत का सबब बन गया है। जून की शुरुआत से ही हर रोज 1000 से ज्यादा पर्यटक वाहन दून में प्रवेश कर रहे हैं। ऐसे में पहले से वाहनों का भारी दबाव झेल रही दून की यातायात व्यवस्था पटरी से उतर गई है।
सोमवार को भी तंग सड़कों पर बढ़े वाहनों ने ट्रैफिक को हांफने पर मजबूर कर दिया। पूरे दिन सड़कों पर वाहन चलने के बजाए रेंगते नजर आए। ट्रैफिक पुलिस की मानें तो आगे यह दिक्कत और बढ़ने की आशंका है।
यहां हो रही दिक्कत
सब्जी मंडी चौक, सहारनपुर चौक, प्रिंस चौक, दर्शनलाल चौक, घंटाघर, राजपुर रोड, जोगीवाला और रिस्पना पुल
कहां से कितने वाहन
आशारोड़ी: सहारनपुर, मेरठ, दिल्ली आदि से हर रोज 500 से अधिक वाहन
जोगीवाला: प्रदेश के दूसरे जिलों, यूपी से हरिद्वार से निकलने वाले 500 से अधिक वाहन (ट्रैफिक पुलिस के अनुसार बाहरी राज्यों, प्रदेश के अन्य जिलों से आने वाले 60 फीसदी से अधिक वाहन मसूरी का रुख करते हैं)
पहले ही इतनी गाड़ियां
सिटी बस- 220
विक्रम – 794
टाटा मैजिक- 100 से अधिक
ऑटो- 2650
निजी वाहन- एक लाख से ज्यादा
छोटे लोडर- 261
छोटे व्यावसायिक वाहन- 50000 से ज्यादा
प्लान की हर कवायद हवाई
पर्यटन सीजन की शुरुआत के साथ ही ट्रैफिक पुलिस शहर की यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए कवायद करती है। शहर के सभी डायवर्जन, रिंग रोड समेत प्रमुख मार्गों का नक्शा प्रिंट करवाकर सीमा पर स्थितचेकपोस्टाें पर बाहर से आने वाले वाहन चालकों को दिया जाता है।
कोशिश रहती है कि वाहन नक्शों में दर्ज बाईपास मार्गों का प्रयोग कर शहर से बाहर निकलते हुए मसूरी पहुंचें। लेकिन हर बार यह कवायद हवाई साबित होती है। पुलिस की मानें तो ज्यादातर लोग जानबूझकर शहर में घुसते हैं। उनका मानना होता है कि घूमने आए हैं तो एक बार दून भी देख लें।
ट्रैफिक पुलिस को निर्देश दिया है कि दिल्ली रूट से आशारोड़ी आते हुए वाहनों को जीएमएस रोड से बाईपास कर मसूरी निकालें। जोगीवाला में रिंग रोड से हरिद्वार की ओर से आने वाले वाहनों को भेजा जाएगा।
