
शिमला। … एक दिन के लिए कमरा खाली नहीं है। तीन दिन रुकना है तो बात करो। हां, होटल में रुकना है तो टैक्सी भी होटल की ही हायर करनी पड़ेगी। आजकल हिल्सक्वीन के कुछ होटलों में सैलानियों से कुछ इसी तरह बारगेनिंग की जा रही है। सैलानियों से लूट खसोट का धंधा जोरों पर है और पर्यटन विभाग को कोई खैर खबर नहीं है।
हिल्सक्वीन में टूरिस्ट सीजन पीक पर है। मैदानी इलाकों से रोजाना हजारों सैलानी शिमला पहुंच रहे हैं। हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (एचपीटीडीसी) सहित शहर के नामी होटलों में कमरे एडवांस बुकिंग में चल रहे हैं। वीकएंड पर शहर के होटलों में तिल धरने की भी जगह नहीं मिल पा रही। ऐसे में शहर के कुछ होटल कारोबारी मौके को भुनाने में जुट गए हैं। वीकएंड पर सैलानियों को होटलों में कमरे लेने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। एक रात के लिए कमरा देने को होटल कारोबारी तैयार नहीं हैं, कम से कम तीन दिन की एडवांस बुकिंग पर ही कमरे दिए जा रहे हैं। इतना ही नहीं कमरे के साथ लोकल साइटसीन के लिए होटल की ही टैक्सी लेने का दबाव डाला जा रहा है। अन्य होटलों में भी कमरे न मिलने की स्थिति में सैलानियों को मजबूरन होटल संचालकों के हाथों लूटना पड़ रहा है।
केस – 01
तीन दिन के लिए मिलेगा कमरा
कालीबाड़ी के पास फिंगास्क में होटल रिसेप्शन पर जब कमरे को लेकर पूछताछ की गई तो पहले जवाब मिला कि कमरे खाली नहीं हैं। बाद में मैनेजर इस शर्त पर कमरा देेने को तैयार हो गया कि तीन दिन की एडवांस बुकिंग करानी पड़ेगी।
केस : 02
सस्ते में साइट सीन भी करवा देंगे
लक्कड़ बाजार स्थित नामी होटल में कमरे की बुकिंग को लेकर बातचीत के दौरान मैनेजर ने सस्ते में साइटसीन के लिए टैक्सी उपलब्ध करवाने का आफर दिया। तर्क दिया कि आम टैक्सी वालों की तुलना में होटल की ओर से उपलब्ध करवाई जाने वाली टैक्सी अधिक विश्वसनीय है।
ऐसी प्रथा टूरिज्म इंडस्ट्री के लिए नुकसानदेह
टूरिस्ट के साथ धोखाधड़ी की प्रथा टूरिज्म इंडस्ट्री के लिए नुकसानदेह है। टूरिस्टों के साथ धोखाधड़ी होगी तो वे दोबारा नहीं आएंगे। सैलानियों पर दबाव डाला जा रहा है तो वे इसकी शिकायत भी कर सकते हैं।
– हरनाम सिंह कुकरेजा
अध्यक्ष, होटलियर एसोसिएशन शिमला
सैलानियों पर दबाव बनाना गैर कानूनी
सैलानियों पर होटल के कमरों या टैक्सी को लेकर किसी भी तरह का दबाव बनाना गैर कानूनी है। होटल संचालक यदि किसी भी तरह की जबरदस्ती करते हैं तो सैलानी पर्यटन विभाग से शिकायत कर सकते हैं।
– सुरेंद्र जस्टा
उपनिदेशक, पर्यटन विभाग
