परीक्षा परिणाम को चुनौती देने वाली याचिका खारिज

नैनीताल। हाईकोर्ट ने सम्मिलित राज्य अवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा के परिणाम को चुनौती देने वाली याचिका को आधारहीन मानते हुए याचिका को खारिज कर दिया है।
न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की एकलपीठ के समक्ष बृहस्पतिवार को मामले की सुनवाई हुई। देहरादून निवासी अनुराधा सिंह और अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि नौ जुलाई, 2011 को लोक सेवा आयोग ने सम्मिलित राज्य अवर अधीनस्थ सेवा के 380 पदों की भर्ती के लिए विज्ञप्ति जारी की थी। तीन मई, 2013 को परीक्षा का अंतिम चयन परिणाम घोषित किया गया। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि सामान्य वर्ग की कई उप श्रेणियों के लिए न्यूनतम कट आफ मार्क्स में अवैधानिक तरीके से छूट दी गई है। मुख्य परीक्षा में हिंदी का पेपर 200 अंक का था जिसमें 35 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य था। लेकिन कई चयनित अभ्यर्थियों के अंक 35 प्रतिशत से कम होने के बावजूद भी उनका चयन कर दिया गया। मामले में सरकार की ओर से बताया गया कि न्यूनतम कट आफ मार्क्स में अवैधानिक तरीके से कोई छूट नहीं दी गई है तथा सभी नियुक्तियंा नियमानुसार की गई हैं। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने याचिका को आधारहीन मानते हुए याचिका को खारिज कर दिया।

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