
रोहड़ू। हाटकोटी-रोहड़ू डबल लेन सड़क निर्माण से निकल रहा मलबा पब्बर नदी में फेंका जा रहा है। पानी में मलवा गिराकर निर्माणाधीन कंपनी पर्यावरण प्रदूषण के नियमों को ठेंगा दिखा रही है। बरसात में नदी का जलस्तर बढ़ने पर मलबे से बाढ़ आने की पूरी संभावना है। जल प्रदूषण को रोकने के लिए अभी तक वन विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से कोई कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
महेंदली से रोहड़ू के बीच सड़क को चौड़ा करने से निकल रहा मलबा पब्बर नदी में जगह-जगह पर फेंका जा रहा है। मलबा पानी में गिरने से पब्बर नदी में जल प्रदूषण बढ़ रहा है। नदी से कई गांवों के लिए उठाऊ पेयजल योजनाएं चल रही हैं। बरसात में नदी का जलस्तर बढ़ने पर पानी का रुख बदलने से बाढ़ की लगातार संभावनाएं सामने हैं। पब्बर नदी के भू कटाव से पहले ही संदौर और आसपास के तटवर्ती गांव को खतरा बना हुआ है। तटवर्ती गांव के बचाने के लिए सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। पब्बर नदी में मलबा फेंकने से रोकने के लिए अभी तक जिम्मेवार विभाग की ओर से पहल नहीं हो रही है। क्षेत्र के लोग नदी में फेंके जा रहे मलबे को लेकर अधिकारियों की मिली भगत करार दे रहे हैं।
इस संबंध में वन मंडल अधिकारी रोहड़ू अशोक चौहान ने बताया कि सड़क निर्माण कर रही कंपनी के लिए डंपिग साइट चयनित की गई है। पब्बर नदी में मलबा फेंकने पर वन विभाग की ओर से प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और स्टेट रोड प्रोजेक्ट के एक्सईएन को नोटिस भेजा जा रहा है।
