पत्थरों से बग्वाल खेलने के पक्ष में लोग

देवीधुरा। बाराहीधाम में रक्षाबंधन के अवसर पर प्रतिवर्ष होेने वाली विश्व विख्यात बग्वाल के स्वरूप को बदले जाने को लेकर चेतन भैया द्वारा चलाए जा रहे हस्ताक्षर अभियान में लोग पत्थरों से बग्वाल युद्ध खेलने पर अपनी भावना व्यक्त कर रहे हैं। हस्ताक्षर करने वालों में ऐसे बुजुर्ग लोग भी हैं जो पिछले 60 सालों से पत्थरों से बग्वाल खेलते आ रहे हैं। उनका कहना है कि बग्वाल एक आस्था से जुड़ा हुआ ऐसा सवाल है, जिसमें शक्ति के उपासक अपना खून देकर मां वज्र बाराही के प्रति अपनी श्रद्धा और आस्था व्यक्त करते आ रहे हैं।
बग्वाल का पूर्व में तब स्वरूप बदला गया था जब यहां नर बलि की प्रथा प्रचलित थी, जिसके स्थान पर बग्वाल को प्रतिस्थापित किया गया, जिसमें एक व्यक्ति के बराबर खून निकलने पर बग्वाल समाप्त होती है। हस्ताक्षर अभियान में जहां शतप्रतिशत लोग पत्थर मार युद्ध के प्रति अपनी राय जाहिर कर रहे हैं, वहीं उनका कहना है कि अब कुछ शराबियों द्वारा बग्वाल के स्वरूप में छेड़छाड़ कर उसे अपवित्र करने का प्रयास किया जा रहा है। उसे सख्ती से रोका जाना चाहिए। अभी तक एक हजार लोगों द्वारा हस्ताक्षर किए जा चुके हैं, जिसमें चार खाम, सात थोक से जुड़े लोग शामिल हैं। यह क्रम जारी रहेगा।

Related posts