पंथाघाटी में प्रदर्शनकारियों पर बरसीं पुलिस की लाठियां

शिमला। पंथाघाटी में तेंजिन अस्पताल का घेराव करने पहुंचे सीटू कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प हो गई। इसमें थाना छोटा शिमला के प्रभारी विक्रम चौहान, एएसआई हेतराम और हेड कांस्टेबल शिशुपाल चोटिल हो गए। पुलिस का दावा है कि कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए इसके बाद हल्का बल प्रयोग किया गया। उधर, सीटू कार्यकर्ताओं का आरोप है कि लाठीचार्ज किया गया, जिसमें कई कार्यकर्ताओं को चोटें पहुंची हैं। हालांकि, पुलिस महकमे का दावा है कि किसी भी प्रदर्शनकारी को चोटें नहीं आई हैं। जो चोट लगने का दावा कर रहे हैं इन सभी का अस्पताल में मेडिकल करवाया जा रहा है। पुलिस ने सीटू कार्यकर्ता विजेंद्र मेहरा, किशोरी डढवालिया , विनोद, प्रकाश चंद , बचन सिंह नेगी, रमा कांत मिश्रा, पूर्ण चंद , जगत राम , मनीष शर्मा, रिंकू राजा , प्रेम चंदेल और नरवेश को गिरफ्तार कर थाना छोटा शिमला में मुकदमा कायम किया है।
पुलिस के मुताबिक सीटू के कार्यकर्ता निजी अस्पताल तेंजिन का घेराव करने बुधवार को पहुंचे। कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पुलिस का दस्ता भी मौके पर मौजूद था। करीब सुबह साढ़े ग्यारह बजे पुलिस प्रदर्शनकारियों को यहां से हटाने लगी। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच झड़प हो गई। इसके बाद प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया। लाठीचार्ज की खबर मिलते ही सीटू समर्थक थाना छोटा शिमला के बाहर एकत्रित होने लगे। यहां तीन बजे थाने का घेराव किया जाना था। डिप्टी मेयर टिकेंद्र पंवर भी मौके पर पहुंचे। कम्युनिस्ट पार्टी आफ इंडिया की जिला शिमला कमेटी के सचिव डा. ओंकार शाद ने कहा कि सीटू के कार्यकर्ताओं पर बर्बर लाठीचार्ज और कार्यकर्ताओं की बेवजह गिरफ्तारी की कड़ी शब्दों में निंदा करते हैं। सीटू के प्रदेश अध्यक्ष जगतराम ने कहा कि अस्पताल प्रबंधन ने बारह कर्मचारियों को नौकरी से बाहर किया था जिसके विरोध में शांतिपूर्वक प्रदर्शन किया जा रहा था। लाठीचार्ज में शामिल पुलिस कर्मचारियों को अगर बर्खास्त नहीं किया गया तो पार्टी इस मुद्दे को आंदोलन का रूप देगी।

क्या कहता है अस्पताल प्रबंधन
अस्पताल के संचालक तेंजिन ने कहा कि कुछ दिन पहले उनके यहां काम कर रहे एक कुक ने कुछ दिन पहले सीटू से संबंधित एक यूनियन बनाई वह पहले से ही प्रबंधन के काम में बाधा डाल रहा था। इसके बाद यहां काम करने वाले अन्य कर्मचारियों को बरगलाने लग गया। जब उससे बात की गई तो वह अस्पताल बंद करवाने की धमकी देकर चला गया। यहां काम करने वाले कर्मचारियों को भी काम पर नहीं आने देता था। इसके बाद यह सीटू के कार्यकर्ताओं को साथ लेकर अस्पताल का घेराव करने पहुंच गया। सीटू की ओर से अस्पताल प्रबंधन पर लगाए जा रहे सभी आरोप मनगढंत और निराधार हैं।

आत्मरक्षा में उठाना पड़ा कदम : एसपी
पुलिस अधीक्षक अभिषेक दुल्लर ने कहा कि अस्पताल के घेराव का कोई मतलब नहीं बनता। जब उग्र हो चुके सीटू के कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुलिस गई तो कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर हमला कर दिया। इसमें एसएचओ समेत अन्य कर्मचारी घायल हो गए। कानून व्यवस्था बनाए रखने और आत्मरक्षा के लिए हल्का बल प्रयोग किया गया है। आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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