पंजीकरण पर आसान नहीं पुलिस की राह

मंगलौर/भगवानपुर। इस बार बाहर से आने वाले कांवड़ियों के पंजीकरण की बात तो की जा रही है, लेकिन यह इतना आसान नहीं होगा। यात्रा जोर पकड़ने पर एक घंटे के भीतर हजारों यात्री हरिद्वार जिले में प्रवेश करते हैं। ऐसे में इन यात्रियों को रोकने और पंजीकरण करने के लिए पुलिस को भारी भरकम स्टाफ की जरूरत होगी। अगर भारी भरकम स्टाफ को पंजीकरण करने में लगाया जाएगा तो सुरक्षा व्यवस्था कौन संभालेगा।
प्रदेश में आपदा और बड़ी संख्या में बाहरी यात्रियों के लापता होने के बाद पुलिस प्रशासन कांवड़ यात्रा में आने वाले यात्रियों के पंजीकरण करने की बात कर रहा है। इसके लिए स्थान भी चिह्नित कर लिए गए हैं। हरिद्वार जिले में मंगलौर कोतवाली क्षेत्र के नारसन, दिल्ली-देहरादून रोड पर भगवानपुर थाना क्षेत्र में मंडावर से कांवड़िए प्रवेश करते हैं। यात्रा जोर पकड़ने पर यात्रियों की संख्या लाखों में पहुंच जाती है। ऐसे में पुलिस के लिए कांवड़ियों का पंजीकरण करना आसान नहीं होगा। पंजीकरण करवाने के लिए यात्रियों को घंटों लाइन में लगना होगा। पुलिस प्रशासन को भी पंजीकरण करने के लिए भारी भरकम स्टाफ की जरूरत होगी। ऐसे में पुलिस सुरक्षा व्यवस्था तो संभालेगी या पंजीकरण करेगी। बड़ी संख्या में कांवड़िए बाहरी प्रदेशों की रोडवेज की बसों से भी आते हैं। पंजीकरण करवाने के लिए इन बसों को चेकपोस्ट पर रोकना होगा। बसों में आम यात्री भी होते हैं। इन लोगाें को भी घंटों खड़ा होना होगा। बसों के साथ कांवड़ियों को यहां रोकना आसान नहीं होगा।

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