
मंडी।(ओम प्रकाश) अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव की तीसरी सांस्कृतिक संध्या के मुख्य कलाकार पंजाबी गायक रोशन प्रिंस ने खूब धमाल मचाया। इसके अलावा हिमाचल के लोक कलाकारों ने भी पहाड़ी गीतों पर दर्शकों को थिरकने पर मजबूर किया। पंजाबी गायक रोशन प्रिंस ने साढ़े आठ बजे मंच संभाला। उन्होंने ‘ओ मेरे लुक दे मर दी सी मैं उदे लक दे मरदा सी’ से कार्यक्रम का आगाज किया। इसके अलावा ‘जीने दियां गाड़ियां ते रेड बत्ती’, ‘तूसी सिडनी शहर पढ़ियां’ कढ़ के पंजीरो लाल रंग दी, मुड़े गेड़ियां न मार दे, आदि पंजाबी गीतों पर धमाल मचाया।
हिमाचल के प्रसिद्ध लोक गायक कुलदीप शर्मा ने लागा ढोलो रे धमाका, मेरा हिमाचला बड़ा बांका, किदे चाली मेरी झुरिये हाय, साहिबा मेरी बबीए, रोहड़ू जाणा मेरी अमिए, लच्छी-लच्छी लोकगलांदे, इशा गरांये देया लंबरा हो, पाणी री टांकियो भाई रामा, बोतला रे गई ठेके कोई नशा कराई दे पर दर्शकों को झूमने पर विवश किया।
लोक गायक घनश्याम पहाड़िया ने हारे मेरी सुंदरिये, रोज उठी कालेज जांदी एक कुड़ी कांगड़े दी पेश किया। गीता भारद्वाज नगाड़े संग ढोल बाजे, आजा सनम मधुर चांदनी मैं हम, कोई अधिया मंगवाई के मेरो पीणू जी बोलदा, बुरा नी मानणा मेरी बातों रा, कलाकार बेबी बार्बी ने मंजिले रुसवा है, यूं तो प्रेमी पच्चत्तर हमारे, जिया रे जिया, बबली बदमाश है पर खूब वाहवाही लूटी। गायक अमर सिंह चौहान ने हाय मेरी मामा टिपडूआ शिमले री जलेब, मंडी लागी जातरा आये शिवा रे मेले, उरला के गायक सूरज मेहता ने झूमकू वाली ए कलिए झूमे झूमकू वाली, मंडी लगी रा लो म्हारे मेला शिवादासिए, बोतला फूटी हाए रे नातिया बोतला फूटी, जोगिंद्रनगर के सुभाष राणा ने हुण ता कुतांही जो नसदा धुडूआ, पनारसा के कलाकार टेक चंद ने नाटी प्रस्तुत कर दर्शकों मनोरंजन किया।
