पंचेश्वर बांध को लेकर अनिश्चय की स्थिति

चंपावत। महाकाली नदी पर प्रस्तावित पंचेश्वर बांध के निर्माण को लेकर अभी अनिश्चय की स्थिति है। लिहाजा महाकाली नदी के किनारे प्रस्तावित सभी योजनाओं पर भारत सरकार और राज्य सरकार तेजी से काम शुरू कर देना चाहती है। इनमें सबसे अहम योजना टनकपुर से जौलजीबी तक प्रस्तावित सड़क है। सड़क की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) 21 जून को लोनिवि के प्रमुख सचिव के सामने देहरादून में पेश होगी। इसी पर विचार के लिए बुधवार को जिलाधिकारी दीपेंद्र चौधरी ने लोनिवि के अधिशासी अभियंता बीसी पंत और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की।
टनकपुर से जौलजीबी तक सड़क निर्माण की मंजूरी 1993 में तत्कालीन यूपी सरकार ने दे दी थी। सड़क की प्रारंभिक सर्वे के लिए यूपी सरकार ने तत्काल एक करोड़ रुपये की राशि अवमुक्त कराई थी। सड़क निर्माण की जिम्मेदारी लोनिवि के अस्कोट, पिथौरागढ़, लोहाघाट और चंपावत डिवीजन को दी गई। चंपावत डिवीजन को इसका नोडल एजेंसी बनाया गया। इस सड़क के निर्माण में शुरुआत से ही कई प्रकार के पेंच आते रहे। प्रस्तावित सड़क का अधिकांश हिस्सा वन भूमि में आ गया। बाद में प्रस्तावित पंचेश्वर बांध से भी सड़क निर्माण को लेकर आशंकाएं बनी रही। बताया गया है कि भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने 11 अप्रैल को यह आदेश दिया है कि पंचेश्वर बांध को लेकर अभी अनिश्चय है। ऐसी स्थिति में महाकाली नदी के किनारे प्रस्तावित सभी योजनाओं पर काम शुरू कर दिया जाए।

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