
मंडी। मौसम खुशगवार रहा मगर उम्मीद के मुताबिक वोट नहीं बरसे। मंडी संसदीय क्षेत्र उपचुनाव में रविवार सुबह आठ बजे से लेकर शाम 5 बजे तक कुछ ऐसा ही हाल रहा। मतदान को लेकर उत्साह, उमंग सब मंद-मंद रहा। न पोलिंग बूथों पर भीड़ थी और न ही चुनाव जैसा नजारा। युवा मतदाता पंचायत और विधानसभा चुनाव के मुकाबले मतदान केंद्रों तक कम ही पहुंच पाए। बल्ह के चंडयाल मतदान केंद्र में उर्मिला ने पहली बार अपने मत का प्रयोग किया। उसी प्रकार मंडी अपर समखेतर बूथ पर भी चारू ने पहली बार वोट दिया। जबकि कई मतदान केंद्रों में युवा मतदाता नजर नहीं आए। मंडी संसदीय क्षेत्र के 17 में से 16 विस क्षेत्रों में रविवार को मतदान हुआ। मंडी जिला के 967 मतदान केंद्रों पर सुबह से ही मतदान की रफ्तार धीमी रही। शहरी क्षेत्रों के मतदाताओं में मतदान को लेकर अपेक्षाकृत कम रुझान देखने को मिला। जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में मतदाताओं में थोड़ा उत्साह देखा गया। मंडी संसदीय क्षेत्र के बल्ह विधानसभा क्षेत्र के टावां द्वितीय मतदान केंद्र में 100 साल की बसाखी देवी ने मतदान किया। उसे मतदान केंद्र तक उनका बेटा सुंदर लाल और पोती मधुरिका सहारा देकर लाए। वहीं गागल द्वितीय मतदान केंद्र में 90 साल की गरीबो देवी ने मतदान किया। जबकि, डडौर द्वितीय मतदान केंद्र में अक्षम पूर्ण चंद बैसाखियों के सहारे मतदान केंद्र तक पहुंचे। उसी प्रकार कनैड में 86 वर्षीय बुजुर्ग शान मुहम्मद ने मतदान किया। इसके अलावा कनैड द्वितीय में अक्षम देवी राम जिसकी एक टांग कट गई है, भी बैसाखियाें के सहारे मतदान केंद्र में अपने मताधिकार का प्रयोग करने पहुंचे। मंडी शहर में सुबह मतदान धीमी गति से शुरू हुआ। अपर समखेतर बूथ पर सबसे पहले तेजिंद्र मल्होत्रा ने मतदान किया। वहीं इस मतदान केंद्र पर मतदान के एक घंटे तक मात्र 35 लोगों ने मतदान किया था। उसी प्रकार बल्ह विधानसभा क्षेत्र के भंगरोटू द्वितीय में सवा ग्यारह बजे तक 475 मतदाताओं में से 94 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। उसी प्रकार भंगरोटू तृतीय बूथ पर भी 649 में से 129 मतदाताओं ने ही मतदान किया था। इस उपचुनाव में महिला मतदाताओं में भी खास उत्साह देखने को नहीं मिला।
