
सोलन। जिला अस्पताल के गायनी वार्ड की व्यवस्थाएं राम भरोसे है। यहां प्रसव का कार्य नर्सों के हवाले है। प्रसव तो दूर चिकित्सक का राउंड भी समय पर नहीं आते। आपात समय में स्थिति इतनी विकट होती है कि मजबूरन केस निजी अस्पतालों में ले जाने पड़ते हैं। नहीं तो जच्चा और बच्चा दोनों की जान को खतरा बन जाता है। यह कहना है मरीज और उनके तीमारदारों का। प्रसव के दौरान नवजात की मौत के बाद चिकित्सकों और अस्पताल प्रबंधन पर लगाए आरोपों के बाद रोगियों और तीमारदारों ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया प्रकट की है। कहा कि इमरजेंसी पर फोन करने पर भी डाक्टर समय से अस्पताल नहीं पहुंचते। कुछ ने तो शरीब पीकर ड्यूटी में आने तक के संगीन आरोप लगाए हैं।
डाक्टरों के राउंट का समय तय नहीं
कुमारहट्टी निवासी सोहन लाल ने बताया कि अस्पताल वार्ड में डाक्टरों के आने का कोई समय तय नहीं है। डाक्टर की देखरेख के बगैर मजबूरन नर्सों को प्रसव करने पड़ते हैं। कई बार तो नर्सें भी प्रसव से इंकार कर देती हैं। ऐेसे में यदि थोड़ी से भी चूक होती है तो समस्या हो सकती है।
एक रात में चार बार बदलवाए बेड
चंबीधार से आए मोहन का कहना है कि उनकी पत्नी का प्रसव तो हो गया। लेकिन प्रसव के दौरान न तो डाक्टर चैक करने आया, न ही नर्सों ने सुनवाई की। 24 घंटे पहले प्रसव के बाद उनकी पत्नी को चार बार बेड बदलवाए गए। इसके चलते प्रसूति पत्नी को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
प्रसव पीड़ा के दौरान होती अनदेखी
अस्पताल में दाखिल महिला के पति सिरमौर निवासी सुरेश कुमार ने बताया कि चिकित्सकों की बताई डेट के एक माह पहले ही प्रसव हो गया। जब प्रसव पीड़ा के दौरान वह जिला अस्पताल पहुंचे तो अनदेखी की गई। बड़ी मुश्किल से प्रसव कराया गया। अब बच्चा आईसीयू में पड़ा है।
प्रसव को 12 घंटे बीते पर डाक्टर नहीं
कसौली से तीमारदार करण ने बताया कि वीरवार को शाम 6.30 पर उनकी पत्नी की डिलीवरी हो चुकी है। प्रसव के समय कोई भी डाक्टर नहीं था। सुबह के 10.30 हो रहे हैं। 12 घंटे होने को हैं, अभी भी कोई डाक्टर नहीं पहुंचा है। ऐसे में जच्चा-बच्चे की चिंता सताए जा रही है।
योजनाओं का नहीं मिल रहा लाभ
गढ़ियार के रहने वाले ज्ञान सिंह ने बताया कि सुविधाओं के नाम अस्पताल में कोई सुविधा नहीं है। लोगों उनके बने राष्ट्रीय बीमा योजना का लाभ भी उन्हें नहीं मिल रहा है। लोगों को बाहर से महंगी दवाईयां मंगवाई जाती है। ऐसे में सरकारी अस्पताल में इलाज कराने का क्या फायदा।
