न प्रयोगशाला, न मिल रही आपातकाल सेवा

रिवालसर (मंडी)। धर्म स्थल रिवालसर में चिकित्सा सुविधा चरमरा गई है। लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने वाला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुविधा के नाम पर सफेद हाथी साबित हो रहा है। स्वास्थ्य केंद्र में एक ओर जहां कर्मचारियों का अभाव है, वहीं प्रयोगशाला भी महज नाम के लिए ही चल रही है। गोपालपुर, सदर तथा बल्ह विस क्षेत्र की दर्जनों पंचायतों के बाशिंदे पीएचसी में उपचार लेने आते हैं, लेकिन हजारों की आबादी के लिए यहां न तो प्रयोगशाला की सुविधा है और न ही आपातकाल सेवा मिल रही है।
इस केंद्र में चिकित्सकों के दो पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान समय में एक ही चिकित्सक सेवारत है। इससे लोग अक्सर समस्याओं से जूझ रहे हैं। समस्या तब गंभीर हो जाती है, जब तैनात चिकित्सक अवकाश अथवा सरकारी कार्यों से बाहर होते हैं। स्वास्थ्य केंद्र में न तो चतुर्थ श्रेणी कर्मी और न ही सफाई कर्मचारी है। पीएचसी में 100 से 150 की ओपीडी हर रोज रहती है। क्षेत्र में पर्यटकों सहित श्रद्धालुओं का काफी संख्या में आना-जाना रहता है। इन हालातो में स्वास्थ्य केंद्र में सुविधाएं जहां बढ़नी चाहिए थी, वहीं लगातार गिरती जा रही हैं। पीएचसी में 15 बिस्तरों का प्रावधान है, लेकिन गंभीर रोगियों को प्राथमिक उपचार के बाद सीधे मंडी या सुंदरनगर तथा सरकाघाट भेज दिया जाता है। क्षेत्र के बाशिंदों मुशी राम, इंद्र सिंह, ज्ञान चंद, लालमन, हेमराज आदि का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र और स्वास्थ्य सुविधा के नाम पर लोगों के साथ यह सरासर खिलवाड़ है। लोगाें ने सरकार तथा विभाग से स्वास्थ्य सेवाओं में तत्काल सुधार की मांग की है। इस बारे में स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर का कहना है कि स्वास्थ्य कर्मचारियों का अभाव दूर किया जाएगा। स्वास्थ्य केंद्र की दशा को शीघ्र सुधारा जाएगा।

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