न पर्यटन सूचना केंद्र, न पार्किंग की सुविधा

रिवालसर (मंडी)। तपोस्थली रिवालसर में ऐतिहासिक झील को संवारने की योजना आज तक सिरे नहीं चढ़ी है। धार्मिक आस्था को लेकर हर साल यहां आने वाले पर्यटकों को सुविधाएं न मिलने के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। रिवालसर में न तो पर्यटकों के ठहरने की उचित व्यवस्था है और न ही पार्किंग की। पवित्र झील को संवारने के लिए फाइलों में योजनाएं तो कई बनीं, लेकिन धरातल पर सिरे नहीं चढ़ पाई।
स्थानीय निवासी कृष्ण चंद, पवन शर्मा, भीम देव, रोशन लाल, भीखम राम, टोडर राम, जय राम शर्मा, नरपत राम, मुंशी राम ने कहा कि पर्यटन की दृष्टि से रिवालसर तीर्थ विकसित नहीं हो पाया है। रिवालसर में पर्यटकों की सुविधा के लिए कुछ भी नहीं है। न ही पार्किंग की सुविधा है और न ही पर्यटन सूचना केंद्र स्थापित हो सका। हर साल पवित्र झील दूषित हो रही है। आज तक झील के सौंदर्यीकरण के लिए कोई कार्य नहीं हुआ। लोगों का कहना है कि रिवालसर को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाना चाहिए। इससे जहां स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर पैदा होंगे, वहीं क्षेत्र में पर्यटकों की आमद बढ़ेगी। नगर पंचायत अध्यक्ष बंसी लाल ठाकुर ने कहा कि रिवालसर में पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए सुविधा नाममात्र ही हैं। जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार को कई बार अवगत करवाया गया, लेकिन योजनाएं सिरे नहीं चढ़ीं। कुछ योजनाओं के लिए जमीन की कमी खल रही है।

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