नौकरी के नाम पर ठगे जा रहे बेरोजगार

देहरादून। राजधानी में बेरोजगार युवाओं से नौकरी के नाम पर ठगी की जा रही है। ग्रामीण शिक्षित युवक और युवतियों के लिए रोजगार योजना के नाम पर दिल्ली के पते पर तीन, साढ़े तीन सौ रुपये के बैंक ड्राफ्ट मांगे जा रहे हैं। अब तक सैकड़ों युवा दिए गए पते पर ड्राफ्ट भेज चुके हैं। जिला पंचायत राज अधिकारी एमएम खान ने कहा कि उन्हें गांवों में चल रही इस तरह की किसी योजना की जानकारी नहीं हैं।
प्रौढ़ एवं समग्र शिक्षा विस्तार योजना के नाम पर ग्रामीण क्षेत्रों में अध्यापन कार्य के लिए युवाओं को नौकरी दिए जाने का झांसा दिया जा रहा है। फार्म में बताया गया है कि इसके लिए साढे़ दस हजार रुपये से साढ़े अठारह हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा। इसके लिए ग्राम पंचायत के पांच युवक और इतनी ही युवतियां आवेदन कर सकती हैं। बेरोजगारों की नियुक्ति के लिए आवेदन फार्म को जनपद के विभिन्न ग्राम पंचायतों में भेजा गया है, जिसमें सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी से साढ़े तीन सौ और अनुसूचित जाति एवं जनजाति के व्यक्ति से तीन सौ रुपये का ड्राफ्ट स्वामी विवेकानंद प्रकाशन केंद्र पांडव नगर नई दिल्ली के पते पर मांगा गया है। लाखामंडल निवासी विरेंद्र सिंह ने बताया कि क्षेत्र के कई युवा इस पते पर तीन और साढ़े तीन सौ रुपये का ड्राफ्ट बनाकर भेज चुके हैं। जिला पंचायत के उपाध्यक्ष एसपी देवली ने कहा कि नौकरी के नाम पर बेरोजगार युवाओं को गुमराह किया जा रहा है। यह पूरा फर्जीवाड़ा है। प्रकरण की जांच कर ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
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मेरी जानकारी में इस तरह की कोई योजना नहीं है, यदि ऐसी कोई योजना है भी तो इसके लिए प्रदेश के किसी कार्यालय में आवेदन जमा किए जाते, लेकिन उत्तराखंड में नियुक्ति के लिए दिल्ली के पते पर आवेदन मांगे गए हैं। इससे स्पष्ट हो जाता है कि फर्जीवाड़ा है। -एसबी जोशी, राज्य परियोजना प्रबंधक, राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण

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