नौंवी दिन में पहुंचा फील्ड कर्मियों का धरना

चंपावत/टनकपुर/। विभिन्न मांगों को लेकर फील्ड कर्मियों का धरना जारी रहा। कर्मचारियों ने लगातार हो रही उपेक्षा को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा किया। कहा कि अब वे मांगें पूरी होने के बाद ही काम पर वापस लौटेंगे। हड़ताल के चलते कामकाज पर असर पड़ रहा है।
चंपावत मेंराज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष जगदीश अधिकारी की अध्यक्षता और महामंत्री भूपेंद्र जोशी के संचालन में हुई सभा में कर्मियों ने मांगों के पूरा नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। कहा कि आंदोलन किसी कीमत पर मांगों को मानने से पूर्व समाप्त नहीं किया जाएगा। वक्ताओं ने कहा कि सरकार कर्मियों की वाजिब मांगों की भी उपेक्षा कर रही है।
सेवा काल में तीन पदोन्नति अनिवार्य रूप से देने अथवा पदोन्नति नहीं मिलने पर ग्रेड-पे देने, फील्ड कर्मियों को 500 रुपये मासिक भत्ता देने, वेतन विसंगति दूर करने, डीआरडीए और जिला पंचायत के कर्मियों को योगदान की तिथि से राज्य कर्मी घोषित करने आदि की मांग को लेकर फील्ड कर्मी 16 अक्तूबर से बेमियादी हड़ताल पर हैं। धरने में पूरन रावत, उमेद राम, पुष्कर बोरा, भगवती तिवारी, आरके कटियार, प्रणव शर्मा, हरीश गहतोड़ी, लक्ष्मी पंत, गणेश चंद्र, केशव पालीवाल, सत्येंद्र नेगी, सुभाष यादव सहित बड़ी तादाद में कर्मी मौजूद थे।
टनकपुर में कर्मियों ने दर्जा कैबिनेट मंत्री हेमेश खर्कवाल के जरिए सीएम को ज्ञापन सौंपा। वन बीट अधिकारी संघ अध्यक्ष महेश अधिकारी के नेतृत्व में विधायक खर्कवाल से मिले कर्मियों ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। सुरेंद्र बोहरा, लक्ष्मण नयाल, भरत सिंह नेगी, सुंदर सामंत, पंकज कुमार, चंद्र सिंह साहू, राजेंद्र सिंह, प्रभात कुमार, गिरीश जोशी, प्रकाश जोशी, जगतनाथ गोस्वामी, भगवत पाटनी, केएन शर्मा, कविता राणा, गिरीश गुठेलिया, भूपाल पांडेय, जमन सिंह, बद्रीदत्त जोशी, नारायण दत्त, गोविंद बल्लभ भट्ट, कविता प्रसाद, महेश गिरि, बहादुर सिंह, लखपत सिंह, योगेश सिंह, नंदाबल्लभ आदि शामिल थे।

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